घरेलू सरजमीं पर एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी में अपने खिताब का बचाव करने उतर रही भारतीय हॉकी टीम को टूर्नामेंट के आगाज से ठीक एक दिन पहले तगड़ा झटका लगा है। टीम के सबसे अनुभवी स्टार मिडफील्डर और पूर्व कप्तान मनप्रीत सिंह पिंडली (काफ) में चोट लगने के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने सोमवार को जालंधर में आयोजित आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनप्रीत के बाहर होने की पुष्टि की। टीम प्रबंधन ने आनन-फानन में युवा और भरोसेमंद मिडफील्डर विवेक सागर प्रसाद को मनप्रीत के विकल्प के तौर पर 18 सदस्यीय मुख्य दल में शामिल कर लिया है।
पंजाब में 17 साल बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी, घरेलू मैदान पर मनप्रीत का न होना बड़ा नुकसान
पंजाब की धरती पर पूरे 17 साल बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की वापसी हो रही है, जिसको लेकर स्थानीय खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा था। मनप्रीत सिंह, जो जालंधर के ही मीठापुर के रहने वाले हैं, उनके चोटिल होने से घरेलू दर्शकों को भारी निराशा हाथ लगी है। हालांकि, टीम में शामिल किए गए विवेक सागर प्रसाद पहले भी बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दबाव के क्षणों में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। छह मजबूत टीमों वाले इस कड़े टूर्नामेंट में विवेक की मौजूदगी से भारतीय मिडफील्ड को गति और संतुलन मिलने की उम्मीद है, ताकि टीम के रणनीतिक ढांचे पर मनप्रीत की गैरमौजूदगी का ज्यादा असर न पड़े।
27 अक्टूबर को बांग्लादेश से भिड़ंत, 5 नवंबर को मोहाली में खेला जाएगा फाइनल मुकाबला
एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता और पांच बार की चैंपियंस ट्रॉफी विजेता भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत मंगलवार को बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले से करेगी। इसके बाद लीग चरण में भारत का सामना 29 अक्टूबर को चीन, 30 अक्टूबर को जापान, 1 नवंबर को मलेशिया और 2 नवंबर को दक्षिण कोरिया से होगा। पॉइंट्स टेबल की शीर्ष चार टीमें 4 नवंबर को सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करेंगी, जबकि खिताबी मुकाबला 5 नवंबर को मोहाली के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा।
घरेलू दर्शकों के समर्थन से छठे खिताब पर नजर, कोच फुल्टन ने कसी कमर
पंजाब से ताल्लुक रखने वाले कप्तान हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और मनदीप सिंह जैसे अनुभवी सितारों के लिए घरेलू दर्शकों के सामने खेलना भावनात्मक और उत्साहवर्धक रहेगा। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा कि घरेलू मैदान और स्टैंड्स से मिलने वाले जबर्दस्त समर्थन से खिलाड़ियों का मनोबल सातवें आसमान पर रहेगा। टूर्नामेंट में मैचों के बीच बेहद कम रिकवरी टाइम होने के कारण रोटेशन और फिटनेस सबसे अहम कड़ी होगी। भारतीय टीम का प्राथमिक लक्ष्य शुरुआती मैच में बांग्लादेश को बड़े अंतर से हराकर अपने छठे एशियन चैंपियंस ट्रॉफी खिताब की ओर मजबूती से कदम बढ़ाना है।


