बच्चों में आंखों का कैंसर बढ़ रहा है। जिसको लेकर दिल्ली के एम्स अस्पताल में विश्व रेटिनोब्लास्टोमा जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया गया।

पांच साल से कम उम्र के बच्चों में आंखों में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए एम्स के आरपी सेंटर में विश्व रेटिनोब्लास्टोमा जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया गया। इसमें रेटिनोब्लास्टोमा को लेकर मरीजों और उनके परिजनों को बताया गया।
साथ ही बताया गया कि यह पांच साल से कम उम्र के बच्चों में होने वाला सबसे आम कैंसर है। भारत में रेटिनोब्लास्टोमा से पीड़ित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यदि समय पर इसका पता चल जाए तो इस कैंसर का इलाज संभव है।
प्रोफेसर डॉ. भावना चावला ने बताया कि ऐसे मामलों में सबसे आम लक्षण बच्चे की आंख की पुतली में ल्यूकोकोरिया या सफेद प्रतिबिंब का दिखना है। यदि किसी बच्चे में ऐसे लक्षण दिखे तो तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए। इसका इलाज संभव है। एम्स में रेटिनोब्लास्टोमा के उपचार के लिए नवीनतम विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसमें इंट्रा-आर्टेरियल कीमोथेरेपी और प्लाक ब्रैकीथेरेपी शामिल हैं।
ऐसे उपचारों से न केवल बच्चे की जान बल्कि दृष्टि भी बचाई जा सकती है। इसके अलावा, जो लोग इलाज का खर्च नहीं उठा सकते, उन्हें आयुष्मान भारत जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है।


