
रत्ना पाठक शाह और नसीरुद्दीन शाह अपनी राजनीतिक विचारधाराओं के बारे में काफी मुखर हैं, ठीक वैसे ही जैसे उनके साथी नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के स्नातक परेश रावल और अनुपम खेर। रत्ना पाठक शाह अपने बेहतरीन अभिनय के साथ-साथ शानदार जवाबदेही के लिए भी जानी जाती हैं। अब हाल ही में, एक साक्षात्कार में रत्ना ने बताया कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद अनुपम और परेश के साथ काम करना कैसे जारी रखते हैं।
रत्ना ने अपने हालिया इंटरव्यू में कहा, “हम सभी ऐसे समय में बड़े हुए हैं जब दो लोग दोस्त तो हो सकते हैं, लेकिन उनकी विचारधाराएं भी अलग-अलग हो सकती हैं। आप अपनी जगह सही हैं, मैं अपनी जगह सही हूं। संवाद, चर्चा और असहमति भी होती है, लेकिन इससे आपसी संबंधों में दरार नहीं आती। यह हाल ही का चलन है। यह न तो हमारे देश की संस्कृति है और न ही मैंने ऐसा पहले कभी देखा है।”
अभिनेत्री ने आगे कहा, “यह हाल ही का चलन है। यह न तो हमारे देश की संस्कृति है और न ही मैंने ऐसा पहले कभी देखा है। मैं ऐसे घर में पैदा हुई हूं, जहां मेरे पिता आरएसएस परिवार से थे और मेरी मां कम्युनिस्ट परिवार से थीं। हमारे घर में हमेशा बहस और तर्क-वितर्क होते रहते थे, फिर भी हम सब खुशी-खुशी साथ रहते थे। मैं जानती हूं कि किसी की राय से असहमत होने का मतलब किसी व्यक्ति को नापसंद करना नहीं है।”
रत्ना ने यह भी कहा, “वे हम भारतीयों को एक-दूसरे से ऐसे लड़वा रहे हैं। जैसे स्कूल के खेल के मैदान में बच्चे लड़ते हैं। कैसे गुंडे कमजोर बच्चों के साथ बुरा व्यवहार करते हैं। क्या हम उनके जैसे बनना चाहते हैं? नहीं। मैं गुंडे नहीं बनूंगी, न ही मैं अपने बच्चों को गुंडे बनने दूंगी, जिस किसी पर भी मेरा प्रभाव होगा, मैं उनसे कहूंगी, ‘हम गुंडे नहीं बन सकते।”

वर्क फ्रंट की बात करें तो अभिनेत्री को आखिरी बार फिल्म ‘धक धक’ में देखा गया था जिसमें दीया मिर्जा, संजना सांघी और फातिमा सना शेख भी मुख्य भूमिकाओं में थीं। यह अक्टूबर 2023 में रिलीज हुई थीं।


