दिल्ली यूनिवर्सिटी एवं इसकी संकायों एवं संबंधित कॉलेजों में कार्यरत हजारों नियमित एवं कॉन्ट्रैक्ट के कर्मचारी दिल्ली यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज कर्मचारी यूनियन (DUCKU) के बैनर तले अपनी मांगो जैसे कर्मचारी भर्ती नियमों को यूनिवर्सिटी प्रशासन अपनी मर्जी से अपने खास कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने के लिए बार बार बदल रहा है।वर्ष 2008,2013,2015,2018,2020,14/10/24और अब 29/05/25 को नए भर्ती नियम जारी कर दिए हैं। इससे पहले भर्ती नियमों में बदलाव कार्यकारी परिषद में एजेंडा लाकर किया है ।लेकिन इस बार जो भर्ती नियम 29/05/25 को जारी किए गए उनको कार्यकारी परिषद में भी नहीं रखा गया।और किसी स्टैक होल्डर तक को नहीं पूछा गया।यूनिवर्सिटी की सर्वोच्च संस्था कार्यकारी परिषद की बिना मंजूरी के कर्मचारियों के भर्ती नियमों में बदलाव 29/05/25 को यूनिवर्सिटी प्रशासन की तानाशाही का एक नमूना है।29/05/25 को अवैध तरीके से भर्ती नियम निकलते है।और श्री अरविंदो कॉलेज सांध्य का ओ एस डी 04/06/25 को इस नियम के तहत कर्मचारी भर्ती विज्ञापन निकाल देता है। नियमानुसार जब भी नया भर्ती नियम यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा कार्यकारी परिषद से पास करके भेजा जाता है।तो उसके हिसाब से एस सी/एस टी और ओ बी सी, ई डब्लू सी का रोस्टर कॉलेज तैयार कर यूनिवर्सिटी अप्रूवल के लिए भेजता हैं।और क्योंकि रोस्टर तीन लाइजन ऑफिसर के पास सहमति के लिए जाता है जिसमें कम से कम एक महीना लगता है। लेकिन 03/6/25 को नया भर्ती नियम यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर डलता है।और 04/06/25 को मात्र 1दिन बाद श्री अरविंदो कॉलेज सांध्य की विज्ञापन इसी अवैध भर्ती नियम का आधार पर आ जाता है।इसका मतलब जो नया भर्ती नियम अवैध तरीके से बना उसमें श्री अरविंदो कॉलेज सांध्य का ओ एस डी प्रोफेसर विपिन अग्रवाल और कॉलेज चेयरपर्सन प्रोफेसर अनन्या घोष शामिल है। इससे पहले प्रोफेसर अनन्या घोष श्री अरविंदो कॉलेज सुबह में 32 कर्मचारियों की भर्ती पुराने भारती नियम 2020 से जून 2025 में कॉलेज प्रिंसिपल और यूनिवर्सिटी प्रशासन से मिलीभगत से कर चुकी है।और लगभग 10 से 25 वर्षो से कॉन्ट्रैक्ट पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को बाहर कर दिया है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर की मेंबरशिप सभी कॉलेज कर्मचारियों के लिए पूर्व की भांति बहाल करवाना,यूनिवर्सिटी की कार्यकारी परिषद एवं कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी में कर्मचारियों को स्थाई प्रतिनिधित्व दिलवाना,नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा वर्ष 2021 में यूनिवर्सिटी में रिक्त पदों को भरने की एवज में लिए गए करोड़ों रुपए को कैंडिडेट्स को अविलंब ब्याज सहित वापिस करवाना।और इसके लिए दोषी अधिकारियों को दंडित करवाना। 15 से 20 वर्षों से यूनिवर्सिटी,विभागों और कॉलेजों में कॉन्ट्रैक्ट पर कार्य कर रहे कर्मचारी साथियों को माननीय सुप्रीम कोर्ट के 30/01/24 के दो जजों की बेंच के निर्णय के आधार पर नियमित करवाना। ओ बी सी योजना का लाभ कर्मचारियों की भर्ती तथा प्रमोशन में भी दिलवाना, लेबोरेटरी और लाइब्रेरी में स्टाफिंग पैटर्न लागू करवाना,आदि मुद्दों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन यूनिवर्सिटी के गेट न 4 पर दिनांक 31/07/25 को सुबह 10 बजे से सायं 5 बजे तक धरना प्रदर्शन किया।
देवेंद्र शर्मा
प्रधान DUCKU
9899238090


