Tuesday, April 21, 2026
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1988 के बाद अब पंजाब में आई सबसे भीषण बाढ़, 1000 से ज्यादा गांव चपेट में

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हो रही भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से अब तक पंजाबभर में 1,018 गांव प्रभावित हुए हैं। इनमें पठानकोट के 81, फाजिल्का के 52, तरनतारन के 45, श्री मुक्तसर साहिब के 64, संगरूर के 22, फिरोजपुर के 101, कपूरथला के 107, गुरदासपुर के 323, होशियारपुर के 85 और मोगा के 35 गांव शामिल हैं। फसल और पशुधन की हानि के कारण राज्य को भारी वित्तीय नुकसान भी हुआ है। जिला मुख्यालयों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, फाजिल्का में 16,632 हेक्टेयर (41,099 एकड़), फिरोजपुर में 10,806 हेक्टेयर, कपूरथला में 11,620 हेक्टेयर, पठानकोट में 7,000 हेक्टेयर, तरनतारन में 9,928 हेक्टेयर और होशियारपुर में 5,287 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है। पंजाब सरकार की त्वरित और सक्रिय प्रतिक्रिया से, पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में 4,711 बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इनमें फिरोजपुर के 812, गुरदासपुर के 2,571, मोगा के चार, तरनतारन के 60, बरनाला के 25 और फाजिल्का के 1,239 निवासी शामिल हैं।

विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, नौ बाढ़ प्रभावित जिलों से अब तक कुल 11,330 लोगों को बचाया गया है। इनमें फिरोजपुर से 2,819, होशियारपुर से 1,052, कपूरथला से 240, गुरदासपुर से 4,771, मोगा से 24, पठानकोट से 1,100, तरनतारन से 60, बरनाला से 25 और फाजिल्का से 1,239 लोग शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित 87 राहत शिविरों में से 77 वर्तमान में पूरी तरह से कार्यरत हैं, जिनमें 4,729 लोग आश्रय प्राप्त कर रहे हैं। पंजाब में बाढ़ की चपेट में आने वाले जिलों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। इससे अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, कपूरथला, होशियारपुर, फिरोजपुर और फाजिल्का अब तक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। अब पटियाला और मानसा में भी पानी का असर दिखने लगा है। घग्गर नदी के ओवरफ्लो से कई गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं, जबकि सतलुज और रावी में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पंजाब में 1988 से ज्यादा बड़ी बाढ़ आई है। 1000 गांव प्रभावित हो चुके हैं। पड़ोसी पहाड़ी राज्यों (हिमाचल प्रदेश और जम्मू) में ज्यादा बारिश से सारा पानी पंजाब में इकट्‌ठा हो गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 1988 में प्रदेश में 11 लाख 20 हजार क्यूसिक पानी आया था, इस बार अभी तक 14 लाख 11 हजार क्यूसिक पानी आ चुका है। कपूरथला में चार शिविरों में 110 लोग रह रहे हैं, फिरोजपुर में आठ शिविरों में 3,450 लोग रह रहे हैं, होशियारपुर में 20 शिविरों में 478 लोग रह रहे हैं, गुरदासपुर में 12 सक्रिय शिविरों में 255 लोग रह रहे हैं, पठानकोट में 14 शिविरों में 411 लोग रह रहे हैं, बरनाला में एक शिविर में 25 लोग रह रहे हैं और फाजिल्का में 11, मोगा में पांच और अमृतसर में दो शिविर हैं।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कपूरथला में 15, 27, 28 और 29 अगस्त को राहत सामग्री वितरित की गयी और आवश्यकतानुसार वितरण जारी रहेगा। इसी प्रकार, फिरोजपुर, गुरदासपुर, मोगा, पठानकोट, फाजिल्का और बरनाला में भी नियमित राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पंजाब पुलिस और सेना स्थानीय समुदायों के सक्रिय सहयोग से इन अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एनडीआरएफ की सात टीमें गुरदासपुर में, एक-एक फाजिल्का और फिरोजपुर में और दो पठानकोट में तैनात हैं। एसडीआरएफ ने कपूरथला में दो टीमें तैनात की हैं। सेना, बीएसएफ और वायुसेना भी कपूरथला, गुरदासपुर, फिरोजपुर और पठानकोट में अभियानों में लगी हुई हैं। नागरिक प्रशासन के साथ-साथ पंजाब पुलिस भी प्रभावित लोगों को पूरा सहयोग दे रही है।

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