पंजाब के बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी और रक्षा सेवा कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने गुरुवार को कहा कि पंजाब ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ) योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के मामले में भारत में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
चंडीगढ़ में बागवानी विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड कॉन्क्लेव और सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने जानकारी दी कि फरवरी 2026 तक पंजाब में कुल 32,823 परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी है। विभिन्न वित्तीय संस्थानों द्वारा 7,597 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किये गये हैं। इसमें से 7,132 करोड़ रुपये की राशि पहले ही लाभार्थियों को वितरित की जा चुकी है, जिससे राज्य में कृषि स्तर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिली है।
जिलावार प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि देश में सबसे अधिक स्वीकृत एआईएफ परियोजनाओं वाले शीर्ष 10 जिलों में पंजाब के आठ जिले शामिल हैं। इनमें प्रमुख लुधियाना (3,650 परियोजनाएं), संगरूर (3,155), बठिंडा (3,049), पटियाला (2,970), फाजिल्का (2,844), श्री मुक्तसर साहिब (2,246), मोगा (1,758) और फिरोजपुर (1,680) हैं।
श्री भगत ने कहा कि सरकार किसानों के लिए बागवानी को एक टिकाऊ और लाभदायक विकल्प के रूप में बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बताया कि जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) के सहयोग से अगले 10 वर्षों में लगभग 1,300 करोड़ रुपये की परियोजनाएं लागू की जाएंगी। इसका उद्देश्य बागवानी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना और किसानों की उच्च-मूल्य वाले बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित करना है। पंजाब को इस योजना के तहत शानदार प्रदर्शन के लिए सितंबर 2024 और जनवरी 2026 में राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है। कार्यक्रम के दौरान ‘सफलता की कहानियों’ पर आधारित एक पुस्तिका भी जारी की गयी।


