पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर में निकाली गई शुक्राना यात्रा के दौरान कई बड़े और अहम ऐलान कर सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इस दौरान उन्होंने बेअदबी के मामलों को लेकर बनाए जा रहे सख्त कानून की जानकारी पंजाब वासियों के सामने रखी। सीएम मान ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अब बेअदबी के किसी भी आरोपी को ‘मंदबुद्धि’ बताकर बख्शा नहीं जाएगा। अगर कोई ऐसा कृत्य करता है, तो उसके परिजनों पर भी केस दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही राज्य से नशे के खात्मे के लिए भी कड़े कानून की प्रक्रिया जारी है, जिससे नशा तस्करों को अब थानों से आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी।
धमाकों को बताया BJP की एंट्री का संकेत
मुख्यमंत्री मान ने हाल ही में अमृतसर और जालंधर में हुए धमाकों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने इन घटनाओं को सीधे तौर पर ‘भाजपा की एंट्री का संकेत’ करार दिया। सीएम मान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा जहां भी जाती है, वहां लोगों को आपस में लड़ाने का काम करती है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि पंजाब ने पहले ही एके-47 और आतंकवाद का वह काला दौर देखा है, लेकिन अब किसी भी कीमत पर प्रदेश का शांत माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा। पंजाब अब तरक्की की राह पर दौड़ रहा है और यहां की जनता इन फिरकापरस्त ताकतों की तरफ कोई ध्यान नहीं देने वाली।
धर्म के नाम पर पंजाब को बांटने की साजिश होगी नाकाम
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए सीएम मान ने कहा कि भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस ने हमेशा धर्म के नाम पर लोगों को बांटने और लड़ाने की राजनीति की है। पश्चिम बंगाल के चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने तंज कसा कि वहां की तरह भाजपा हर जगह विवाद पैदा करना चाहती है, लेकिन पंजाब के लोग बेहद समझदार हैं। उन्होंने भाईचारे की मिसाल देते हुए कहा कि पंजाब में रामनवमी की यात्रा में सभी धर्मों के लोग पूरे उत्साह के साथ शामिल होते हैं। ऐसे में पंजाब की धरती पर किसी को भी नफरत का बीज बोने या धर्म के नाम पर दंगे करवाने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी।
केंद्र ने रोके पंजाब के 9 हजार करोड़, किस मुंह से मांगेंगे वोट
केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कड़े सवाल दागे। उन्होंने कहा कि भाजपा आखिर किस मुंह से पंजाब में आकर अपना अधिकार जताना चाहती है। कभी केंद्र कहता है कि चंडीगढ़ उनका है, कभी पंजाब यूनिवर्सिटी पर दावा ठोकता है, तो कभी बीबीएमबी पर अपना हक जताते हुए पंजाब का पानी राजस्थान और हरियाणा को देने की बात करता है। यहां तक कि राष्ट्रीय पर्वों पर पंजाब की गौरवशाली झांकियों को भी रोक दिया गया। सीएम मान ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के 9 हजार करोड़ रुपए के फंड रोक रखे हैं, ऐसे में भाजपा नेता पहले पंजाब का हक दें, फिर यहां के लोगों के बीच जाने की हिम्मत करें।


