Friday, June 19, 2026
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कर्णप्रयाग घटना की निष्पक्ष जांच हो, सिख श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे उत्तराखंड सरकार: जत्थेदार गड़गज्ज

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में सिख युवकों के साथ कथित दुर्व्यवहार और कार्रवाई पर गंभीर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से सिख श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि श्री हेमकुंट साहिब यात्रा पर जाने वाली संगत को किसी भी प्रकार की परेशानी या उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए। जत्थेदार गड़गज्ज ने गुरुवार को कहा कि गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को भी कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को किरपान छोड़कर यात्रा पर आने की सलाह देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट प्रबंधन से इस संबंध में जवाब तलब किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले ट्रस्ट का दायित्व है कि वह उत्तराखंड सरकार से समन्वय कर यह सुनिश्चित करे कि किसी भी सिख श्रद्धालु के साथ स्थानीय स्तर पर दुर्व्यवहार न हो।

कर्णप्रयाग में हाल ही में हुई घटना का जिक्र करते हुए जत्थेदार ने उत्तराखंड पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा और निंदनीय बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क विवाद के एक मामले में सिख युवकों पर गंभीर धाराएं लगाई गयीं, हिरासत में प्रताड़ित किया गया और सार्वजनिक रूप से उनकी पगड़ियां उतारकर घुमाया गया, जिससे सिख धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले स्थानीय लोगों ने सिख युवकों पर हमला किया था, जिसके बाद उन्होंने आत्मरक्षा में किरपान का प्रयोग किया। ऐसे में पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

जत्थेदार ने कहा कि पगड़ी और किरपान सिख धर्म के पांच ककारों का हिस्सा हैं और गिरफ्तारी के बाद सार्वजनिक रूप से पगड़ी उतरवाना लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि देश की सभी सरकारें और पुलिस प्रशासन सिख धार्मिक प्रतीकों के महत्व से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने उत्तराखंड सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य में सिखों के खिलाफ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न और भेदभाव तुरंत रोका जाए। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ भड़काऊ तत्वों के दबाव में पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है, जबकि सिख समुदाय के खिलाफ सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे सांप्रदायिक और भड़काऊ संदेशों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि ऐसी घटनाएं सिख समुदाय में अलगाव की भावना को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि हाल के समय में हिमाचल प्रदेश में भी इसी प्रकार की घटनाएं सामने आई थीं, लेकिन सिखों के हित में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से हेमकुंट साहिब यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे “तैयार-बर-तैयार” और शस्त्रधारी स्वरूप में, लेकिन कानून और मर्यादा का पालन करते हुए यात्रा करें। उन्होंने युवाओं को उकसावे में न आने और कानून अपने हाथ में न लेने की सलाह दी।

जत्थेदार ने उत्तराखंड स्थित सिख संगठनों को भी संगठित होकर श्रद्धालुओं की सहायता करने के निर्देश दिए। इसके अलावा एसजीपीसी को कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार सिख युवकों को पूर्ण कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। उन्होंने अपील की कि यदि हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड में किसी भी सिख श्रद्धालु के साथ कोई परेशानी होती है तो इसकी सूचना तुरंत श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय को दी जाये।

 

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