Friday, June 26, 2026
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राम मंदिर दानपात्र गबन मामला: 20 दिन बाद 8 लोगों पर एफआईआर दर्ज

राम मंदिर के दानपात्रों की धनराशि में कथित गबन के मामले में करीब 20 दिन बाद आखिरकार प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर गुरुवार शाम रामजन्मभूमि थाने में आठ नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

एफआईआर में मंदिर व्यवस्था से जुड़े रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट कर्मी अनुकल्प मिश्र, उनके बहनोई लवकुश मिश्र, टिन्नू के भतीजे मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को नामजद किया गया है।

संज्ञेय अपराध की धाराओं में दर्ज एफआईआर में ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारी चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और व्यवस्थापक गोपाल राव के नाम शामिल नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार, सभी आठों आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। हालांकि, पुलिस या प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह भी कहा जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ आरोपितों की संख्या बढ़ सकती है और नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

मामला 5 जून को मंदिर के चढ़ावे की धनराशि में कथित अनियमितता सामने आने के बाद प्रकाश में आया था। इसके बाद ट्रस्ट ने आंतरिक स्तर पर जांच शुरू कर धनराशि की रिकवरी का प्रयास किया। 7 जून को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद मामला व्यापक चर्चा में आया।

बताया जाता है कि 9 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के संज्ञान लेने के बाद राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या पहुंचे और ट्रस्टियों से विस्तृत जानकारी ली। इसके तीन दिन बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।

एसआईटी ने 15 जून से राम मंदिर परिसर में जांच शुरू की। टीम ने ट्रस्टी चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र, व्यवस्थापक गोपाल राव सहित चढ़ावे की गणना से जुड़े कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। शुरुआती जांच में बयानों में विरोधाभास मिलने पर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की गई।

करीब छह दिनों में लगभग 150 कर्मचारियों के बयान दर्ज करने के बाद एसआईटी ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी। रिपोर्ट के निष्कर्ष और सिफारिशों के आधार पर इस मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने की संभावना जताई जा रही थी।

इसी क्रम में गुरुवार को ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ रामजन्मभूमि थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।

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