महाराष्ट्र के पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए पहले से विस्तृत योजना बनाई थी। इसके लिए दोनों ने इंटरनेट पर जहर देकर हत्या करने और अन्य तरीकों की जानकारी भी खोजी थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कई बार अपनी योजना का रिहर्सल किया। इसी दौरान उन्होंने लोहागढ़ किले पर एक ऐसे स्थान की पहचान की, जहां से किसी को खाई में धकेलने पर घटना हादसा प्रतीत हो सकती थी।
जांच में सामने आया है कि 18 जून की सुबह करीब 10:30 बजे सिया गोयल अपने मंगेतर केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले लेकर पहुंची। पहले से वहां मौजूद चेतन चौधरी ने सिया के साथ मिलकर कथित तौर पर केतन को खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
वारदात के बाद सिया ने इसे हादसा बताने की कोशिश की। उसने दावा किया कि फोटो खींचते समय केतन का पैर फिसल गया था। इतना ही नहीं, उसने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट भी साझा की ताकि घटना को दुर्घटना साबित किया जा सके। हालांकि, पुलिस जांच में उसकी यह कहानी झूठी साबित हुई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हत्या की साजिश कई सप्ताह पहले से रची जा रही थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि सिया और चेतन अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन सामाजिक और पारिवारिक दबाव के कारण सिया की तयशुदा शादी रद्द नहीं हो पा रही थी। इसी वजह से दोनों ने केतन की हत्या की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी की मुलाकात पिछले वर्ष अक्टूबर में एक दिवाली पार्टी के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गए। फरवरी में सगाई होने के बाद भी सिया ने अपने भाई से अपनी परेशानियां साझा कीं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। जांच के दौरान पुलिस ने सिया के माता-पिता और उसके चाचा-चाची से भी पूछताछ की है, जिन्होंने केतन अग्रवाल के साथ उसकी शादी तय कराई थी।
पुलिस का कहना है कि सिया और चेतन लगातार फोन कॉल और मैसेज के जरिए संपर्क में थे। दोनों ने हत्या की योजना पर विस्तार से चर्चा की और मई के अंत तक इसे अंतिम रूप दे दिया। पुलिस के अनुसार, 14 जून को भी दोनों ने लोहागढ़ किले पर हत्या का प्रयास किया था, लेकिन वह असफल रहा। इसके बाद उन्होंने तय किया कि अगले प्रयास में चेतन मौके पर मौजूद रहेगा। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच कर रही है। मामले की जांच जारी है।


