अरब सागर और उसके आस-पास के समुद्री रास्तों पर खौफ का दूसरा नाम बन चुके समुद्री डाकुओं को भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपनी ताकत का कड़ा संदेश दिया है। अदन की खाड़ी के खतरनाक पानी में जब कुछ हथियारबंद लुटेरों ने भारत के लिए जरूरी साजो-सामान ला रहे एक बड़े मालवाहक जहाज को अपना शिकार बनाना चाहा, तो भारतीय युद्धपोत INS त्रिकंड ने उनके मंसूबों पर पल भर में पानी फेर दिया। नौसेना की त्वरित और आक्रामक कार्रवाई को देखकर डाकुओं को अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा।
खतरे का सायरन बजते ही सेफ रूम में छिप गया था क्रू
जानकारी के मुताबिक, बुधवार (1 जुलाई) की रात ‘एमवी गोल्डन आर्सेनल’ नामक कमर्शियल जहाज अदन की खाड़ी से गुजर रहा था। इसी दौरान समुद्री डाकुओं ने उस पर धावा बोल दिया। इस जहाज पर एक भारतीय क्रू मेंबर भी तैनात था। लुटेरों के हमले का अंदेशा होते ही जहाज के पूरे स्टाफ ने तुरंत एंटी-पायरेसी प्रोटोकॉल का पालन किया और अपनी जान बचाने के लिए खुद को एक विशेष सुरक्षित कमरे में कैद कर लिया। वहीं से उन्होंने आपातकालीन संचार प्रणाली का उपयोग करते हुए मदद की गुहार (डिस्ट्रेस कॉल) लगाई, जिसका अलर्ट उस इलाके में तैनात INS त्रिकंड को मिल गया।
मार्कोस कमांडो ने संभाला मोर्चा, जहाज पूरी तरह सुरक्षित
मदद का संदेश मिलते ही भारतीय नौसेना का युद्धपोत पूरी रफ्तार से ‘एमवी गोल्डन आर्सेनल’ की तरफ दौड़ पड़ा। जैसे ही लुटेरों को भनक लगी कि भारतीय नौसेना उनके करीब पहुंच रही है, उनके पसीने छूट गए और वे जहाज पर कब्जा करने से पहले ही वहां से दुम दबाकर भाग खड़े हुए। डाकुओं के भागने के बाद भारतीय नौसेना के जांबाज मरीन कमांडो (मार्कोस) तुरंत जहाज पर उतरे और चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी (सैनिटाइजेशन ऑपरेशन) ली। मार्कोस द्वारा जहाज को पूरी तरह सुरक्षित घोषित करने के बाद ही क्रू ने राहत की सांस ली। गनीमत यह रही कि इस पूरी घटना में किसी भी सदस्य को चोट नहीं आई है और जहाज को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
व्यापारिक मार्गों पर अभेद्य दीवार बन चुकी है नौसेना
गौरतलब है कि अदन की खाड़ी दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिनी जाती है। ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ के करीब होने की वजह से यह इलाका हमेशा से समुद्री डकैतों के निशाने पर रहा है। इस खतरे से निपटने के लिए पिछले करीब दो सालों से भारतीय नौसेना ने अरब सागर और अदन की खाड़ी में अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है। यहां से गुजरने वाले भारतीय नाविकों और अन्य कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नौसेना ने अपने कई अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत तैनात कर रखे हैं, जो दिन-रात पहरा दे रहे हैं और लुटेरों के लिए एक अभेद्य दीवार साबित हो रहे हैं।


