वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा 2026 अब पूरी रफ्तार पकड़ चुकी है। शनिवार सुबह जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास बेस कैंप से श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पवित्र गुफा के लिए रवाना हुआ। वहीं, पहलगाम के नुनवान बेस कैंप से श्रद्धालुओं के दूसरे जत्थे ने दक्षिण कश्मीर हिमालय स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की पैदल यात्रा शुरू की।
यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। जगह-जगह सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ निगरानी बढ़ाई गई है। श्रद्धालुओं ने सुरक्षा इंतजामों की सराहना करते हुए कहा कि व्यापक प्रबंधों के चलते उन्हें पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षित महसूस हो रहा है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और आपात स्थितियों से निपटने के लिए उधमपुर स्वास्थ्य विभाग ने भी विशेष तैयारियां की हैं। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर टिकरी काली माता मंदिर से लेकर चेनानी-नाशरी सुरंग तक मेडिकल सहायता की मजबूत व्यवस्था की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्रियों को तत्काल उपचार मिल सके।
इससे पहले शुक्रवार को बालटाल और पहलगाम, दोनों प्रमुख मार्गों से कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ हुआ था। बालटाल मार्ग से रवाना हुए पहले जत्थे के कई श्रद्धालु उसी दिन बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन कर लौट आए। दर्शन के बाद लौटे श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था, संतोष और उत्साह साफ झलक रहा था।
श्रद्धालुओं ने बताया कि इस वर्ष पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी अपने पूर्ण स्वरूप में विराजमान हैं। पहले दिन दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं ने इसे अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि उन्हें पहली आरती और प्रथम पूजा में शामिल होकर बाबा बर्फानी के दिव्य स्वरूप के दर्शन का अवसर मिला।
यात्रियों ने कहा कि रास्ते में मौसम ने कुछ कठिनाइयां जरूर पैदा कीं, लेकिन भगवान शिव की कृपा और आस्था के बल पर सभी बाधाएं आसान हो गईं। उनका कहना था कि बाबा बर्फानी के दर्शन के बाद पूरी यात्रा सफल और जीवन धन्य महसूस हो रहा है।


