बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दौरे के दौरान एक बड़ा और चौंकाने वाला वाकया सामने आया है। हाजीपुर में सीएम का हेलिकॉप्टर उड़ान भरने के तुरंत बाद आसमान में एक ही जगह पर करीब तीन मिनट तक स्थिर हो गया। हवा में हेलिकॉप्टर को इस तरह अटका देखकर नीचे खड़े लोगों की सांसें अटक गईं और वहां भारी अफरातफरी मच गई। किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षाबलों को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा।
पेपरलेस रजिस्ट्री का उद्घाटन करने पहुंचे थे CM
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक अहम कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हाजीपुर पहुंचे थे। उनका हेलिकॉप्टर अक्षयवट राय स्टेडियम स्थित हेलीपैड पर उतरा था। यहां उन्होंने हाजीपुर रजिस्ट्री कार्यालय का निरीक्षण किया और राज्य में पूर्णतया ऑनलाइन जमीन निबंधन (पेपरलेस रजिस्ट्री) की अहम प्रक्रिया की शुरुआत की। अपना कार्यक्रम सफलतापूर्वक खत्म करने के बाद दोपहर करीब तीन बजे सीएम सम्राट चौधरी वापस लौटने के लिए अपने हेलिकॉप्टर में सवार हुए। जैसे ही उनके हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी, वह स्टेडियम के ठीक ऊपर हवा में एक ही जगह पर रुक गया और होवर (मंडराने) करने लगा।
हेलिकॉप्टर रुकते ही मची भगदड़, SPG ने संभाला मोर्चा
सीएम के हेलिकॉप्टर को आसमान में एक ही जगह फंसा देखकर नीचे मौजूद एनडीए कार्यकर्ताओं और आम जनता में भयंकर दहशत फैल गई। लोगों को लगा कि हेलिकॉप्टर में कोई बड़ी तकनीकी खराबी आ गई है या क्रैश होने वाला है, जिसके डर से स्टेडियम में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। हालात बेकाबू होते देख वहां मौजूद एसडीपीओ और एसपीजी (SPG) के जवानों ने तुरंत कमान संभाली। सुरक्षा कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए भीड़ को व्यवस्थित तरीके से वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ देर हवा में मंडराने के बाद जब हेलिकॉप्टर सुरक्षित आगे बढ़ गया, तब जाकर नीचे खड़े लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
आखिर हवा में क्यों रोक दिया गया था हेलिकॉप्टर?
सीएम के हेलिकॉप्टर के इतनी देर तक हवा में एक ही जगह स्थिर रहने को लेकर कोई आधिकारिक या पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है कि ऐसा किस वजह से हुआ। हालांकि, विमानन क्षेत्र के तकनीकी जानकारों का कहना है कि यह कोई गड़बड़ी या घबराने जैसी बात नहीं है। दरअसल, टेकऑफ के बाद कई बार पायलट इंजन की पावर, प्रेशर, वजन और हवा की गति व दिशा आदि की ठीक से जांच करने के लिए हेलिकॉप्टर को कुछ देर के लिए हवा में स्थिर (होवर) रखते हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के पायलट ने भी उड़ान से पहले मौसम और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच करने के लिए ही हेलिकॉप्टर को हवा में रोका था।


