देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत द्वारा मुलाकात से इनकार करने और औपचारिक याचिका दाखिल करने की नसीहत दिए जाने के बाद, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार शाम सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। विपक्षी गठबंधन के शीर्ष नेताओं के साथ मिलकर उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। याचिका में मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम अनुचित तरीके से हटाए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं और ‘वोट चोरी’ का हवाला देते हुए एसआईआर प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई है।
सीजेआई के रुख के बाद बदला कदम, प्रशासनिक ज्ञापन के बजाय कानूनी जंग
गौरतलब है कि राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर प्रक्रिया पर चर्चा के लिए सीजेआई से मुलाकात का समय मांगा था। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने न्यायिक मर्यादा का हवाला देते हुए प्रशासनिक ज्ञापन लेने या बैठक करने से स्पष्ट इनकार कर दिया था और विपक्षी नेताओं को आम नागरिक की तरह अदालत में याचिका दायर करने की छूट दी थी। सीजेआई के इसी रुख के बाद विपक्षी खेमे ने अपना तरीका बदला और सड़कों पर प्रदर्शन के साथ-साथ अब इस मामले को सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक पटल पर लाने का फैसला किया।
एसआईआर में गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधे आरोप
सर्वोच्च अदालत में दाखिल इस याचिका में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की आड़ में सुनियोजित तरीके से लाखों वैध मतदाताओं के नाम सूची से गायब किए गए हैं, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन है। विपक्ष ने अदालत से मांग की है कि चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बरकरार रखने के लिए वर्तमान एसआईआर अभियान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र न्यायिक समीक्षा कराई जाए।
INDIA गठबंधन के 11 दिग्गज नेताओं के दस्तखत, एकजुट दिखा विपक्ष
सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई इस जनहित याचिका को पूरे विपक्षी गठबंधन का व्यापक समर्थन मिला है। याचिका पर राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत, सीपीआईएम महासचिव एम. ए. बेबी और सीपीआई नेता डी. राजा ने हस्ताक्षर किए हैं। इनके साथ ही झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) सांसद महुआ माजी, एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले और मुस्लिम लीग के ई. टी. मोहम्मद बशीर भी इस संयुक्त कानूनी याचिका में सह-हस्ताक्षरकर्ता बने हैं।


