पंजाब सरकार की महत्वकांक्षी ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ (Mukh Mantri Teerth Yatra Yojana) राज्य के वरिष्ठ नागरिकों और श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय साबित हो रही है। इस योजना को लेकर हाल ही में सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों और विवरण के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: 1. 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने उठाया लाभपंजाब के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक राज्य के 5,10,807 से अधिक श्रद्धालु मुफ्त में विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। इस योजना के सुचारू संचालन के लिए वर्तमान में दर्जनों एसी बसें चलाई जा रही हैं और अब तक हजारों फेरे पूरे किए जा चुके हैं। 2. नए रूटों और धार्मिक स्थलों का विस्तारमूल रूप से इस योजना के तहत शुरुआत में स्थानीय और प्रमुख पवित्र स्थलों को जोड़ा गया था, लेकिन श्रद्धालुओं की मांग और भारी सफलता को देखते हुए सरकार ने इसका दायरा बढ़ा दिया है: नए शामिल प्रमुख स्थल: इसमें श्री खाटू श्याम जी, सालासर धाम, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा-वृंदावन जैसे देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जोड़े गए हैं।इसके अलावा स्थानीय स्तर पर श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और माता नैना देवी की यात्राएं भी लगातार जारी हैं।3. पात्रता और सुविधाएं (क्या-क्या मिलता है मुफ्त?)आयु सीमा: 50 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र नागरिक इस यात्रा का लाभ उठाने के लिए योग्य हैं। पूर्णतः निःशुल्क व्यवस्था: सरकार द्वारा यात्रियों के लिए ए.सी. स्लीपर बसों से आवागमन, ठहरने के लिए अच्छे होटलों/आवास (AC Accommodation) और खान-पान की पूरी व्यवस्था मुफ्त की जाती है। सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रबंध: यात्रा के दौरान बुजुर्ग श्रद्धालुओं की देखरेख के लिए हर बस में मेडिकल स्टाफ और सहायक कर्मचारी तैनात रहते हैं। यात्रा पूरी होने पर श्रद्धालुओं को सरकार की तरफ से स्मृति चिन्ह और प्रसाद भी भेंट किया जाता है। यह योजना बिना किसी जाति, वर्ग या धर्म के भेद के हर वर्ग के बुजुर्गों को श्रद्धा भाव से उनके आराध्य स्थलों के दर्शन कराने की दिशा में भगवंत मान सरकार का एक बड़ा कदम मानी जा रही है।


