Monday, November 2, 2026
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पंजाब में खेलों का पुनर्जागरण — ‘नई खेल नीति’ और ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’

पंजाब को एक बार फिर देश का खेल हब बनाने और युवाओं को नशे से दूर कर खेलों से जोड़ने के मकसद से पंजाब की भगवंत मान सरकार ने खेल के क्षेत्र में दो क्रांतिकारी कदम उठाए हैं— पहली, ‘नई खेल नीति’ और दूसरा, राज्य का सबसे बड़ा खेल उत्सव ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’। 1. नई खेल नीति (New Sports Policy) — मुख्य बिंदु और विशेषताएंपंजाब सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, वित्तीय सहायता और रोजगार की गारंटी देने के लिए अपनी नई खेल नीति लागू की है। इसकी मुख्य विशेषताएं: तैयारी के लिए अग्रिम वित्तीय मदद (Preparation Money):पहले खिलाड़ियों को पदक जीतने के बाद इनाम मिलता था, लेकिन नई नीति के तहत खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए पहले ही नकद राशि दी जाती है। ओलंपिक की तैयारी के लिए: ₹15 लाख एशियन एवं राष्ट्रमंडल (Commonwealth) खेलों की तैयारी के लिए: ₹8 लाख पदक विजेताओं के लिए ऐतिहासिक नकद पुरस्कार:ओलंपिक, एशियन गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए करोड़ों रुपये के नकद पुरस्कार तय किए गए हैं। (उदाहरण स्वरूप, एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को करोड़ों रुपये के कैश अवॉर्ड से सम्मानित किया गया)। सरकारी नौकरियों में स्पोर्ट्स कोटा:
राज्य-स्तरीय पदक विजेताओं को ग्रेडिंग सर्टिफिकेट दिए जाते हैं, जिससे वे सरकारी नौकरियों में 3% स्पोर्ट्स कोटा के तहत सीधी भर्ती के पात्र बनते हैं।निचले स्तर पर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर (Sports Infrastructure):गांव-गांव और शहरों में 6,000 से अधिक आधुनिक जिम बनाए जा रहे हैं। 1,000 से अधिक स्पोर्ट्स नर्सरियां स्थापित की जा रही हैं, ताकि बच्चों को बचपन से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग मिल सके।खिलाड़ियों के खेल उपकरण खरीदने के लिए सीधे उनके बैंक खातों में नकद सहायता भेजी जाती है।
‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ (Khedan Watan Punjab Diyan) — जमीनी स्तर पर खेल महाकुंभ
यह पंजाब के इतिहास का सबसे बड़ा ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक आयोजित होने वाला वार्षिक खेल उत्सव है।
उद्देश्य: गांव-गांव की छिपी हुई प्रतिभाओं की खोज करना और पंजाब में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करना।
व्यापक भागीदारी:
हर साल इसमें 35 से 38 विभिन्न खेलों (जैसे कबड्डी, एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, हॉकी आदि) का आयोजन होता है।
इसमें 10 लाख से अधिक खिलाड़ी (स्कूली बच्चों से लेकर 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों तक) भाग लेते हैं।
बहु-स्तरीय संरचना (Multi-Tier Structure):
ब्लॉक स्तर (Block Level): सबसे पहले गांव व ब्लॉक स्तर पर मुकाबले होते हैं।
जिला स्तर (District Level): ब्लॉक विजेताओं के बीच जिला स्तर पर प्रतिस्पर्धा होती है।
राज्य स्तर (State Level): सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी राज्य-स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं।

इनाम और प्रोत्साहन राशि:
राज्य स्तर के पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार (जैसे गोल्ड मेडल विजेता को ₹10,000, सिल्वर को ₹7,000 और ब्रॉन्ज को ₹5,000) और प्रमाण पत्र दिए जाते हैं।

हर सीजन में करोड़ों रुपये की इनामी राशि सीधे खिलाड़ियों के खातों में ट्रांसफर की जाती है।

🎯 इस पहल का असर (Impact)
नशे के खिलाफ सशक्त हथियार: युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा और मैदानों की तरफ मोड़ने में मदद मिली है।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पंजाब का नाम: इस नीति के कारण एशियन गेम्स और अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं में पंजाब के खिलाड़ियों की भागीदारी और पदक तालिका में भारी वृद्धि देखने को मिली है।
रोजगार और सम्मान: खिलाड़ियों को अब आर्थिक तंगी के कारण खेल नहीं छोड़ना पड़ता, क्योंकि सरकार उन्हें वित्तीय सुरक्षा और रोजगार दे रही है।

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