दिल्ली में सफाई व्यवस्था बड़ी चुनौती है। इसके 12 जोन को मिलाकर रोज 12000 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन क्षेत्रफल के लिहाज से सफाई कर्मचारी नहीं हैं और न ही पर्याप्त मशीनरी है।
एमसीडी सफाई पर इस साल 4500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसका सबसे बड़ा हिस्सा यानी करीब 850 करोड़ कूड़ा उठाने पर खर्च किया जाएगा। ढलावों को बंद कर सफाई कर्मचारियों के लिए शेल्टर, लाइब्रेरी, ईवी चार्जिंग स्टेशन इत्यादि बनाए जाएंगे। शहर में बैटरी से चलने वाली सफाई मशीनें बढ़ाई जाएंगी। मौजूद समय पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर साउथ एक्सटेंशन और करोल बाग बाजार में आठ मशीनें काम कर रही हैं, इनकी संख्या बढ़ाने की तैयारी है।


