देश में कोरोना के मामले एक बार फिर से रफ्तार पकड़ने लगे हैं। हफ्ते भर में ही यहां संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है। अब कोविड के नए वैरिएंट सामने आने पर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद का बयान सामने आया है।
भारत में कोविड के नए वैरिएंट सामने आने पर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा, लोगों को कोविड-19 के इस नए वैरिएंट के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। देश के कुछ भागों में कोरोना के मामले सामने आए हैं। लेकिन हमें अभी इसको लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
डॉ. बहल ने कहा कि हमें अभी सिर्फ सतर्क रहने की जरूरत है। जब भी कोरोना के केस बढ़ते हैं तीन उसमें ध्यान दी जाती हैं। जिसमें पहला यह कि कितनी तेजी से केस बढ़ रहे हैं। दूसरा यह कि क्या वह हमारी इम्यूनिटी से बच रहा है। तीसरी सबसे जरूरी चीज यह है कि मौजूदा सीवियरटी पहले के मामलों से ज्यादा तो नहीं। अभी तक ताजा मामले चिंताजनक नहीं हैं। डॉ. बहल ने कहा कि सरकार और सभी एजेंसियां इस पर नजर रख रही हैं। मेरे अनुसार, बुनियादी सावधानियां बरती जानी चाहिए।
देश में कोरोना के मामले एक बार फिर से रफ्तार पकड़ने लगे हैं। हफ्ते भर में ही यहां संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है, जिसने लोगों को डरा दिया है। पिछले एक हफ्ते (19 से 26 मई) के भीतर भारत में कोरोना के मामलों में करीब पांच गुना की वृद्धि हुई है। 22 मई को देशभर में एक्टिव केस 257 थे जो 26 मई को बढ़कर 1007 हो गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को अलर्ट करते हुए कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करते रहने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि फिलहाल देश में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के दो सब-वैरिएंट (NB.1.8.1 और LF.7) एक्टिव हैं, इनकी प्रकृति संक्रामक जरूर रही है, पर इसके कारण गंभीर रोग होने का खतरा कम देखा जा रहा है। इस नई लहर के दौरान कुछ लोगों के अस्पताल भर्ती होने और करीब 7 लोगों की मौत भी खबरे हैं।


