Wednesday, May 6, 2026
Google search engine
Homeदेशक्या आप स्ट्रेस, कब्ज, पेट की चर्बी या पीठ दर्द की समस्याओं...

क्या आप स्ट्रेस, कब्ज, पेट की चर्बी या पीठ दर्द की समस्याओं से जूझ रहे हैं? भुजंगासन से मिलेगी राहत

विश्व योग दिवस अब कुछ ही दिनों में आने वाला है। ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय लोगों को योग के महत्व के बारे में जागरूक कर रहा है और रोजमर्रा की जिंदगी में आसान योगासनों को शामिल करने की सलाह दे रहा है। इसी क्रम में आयुष मंत्रालय ने भुजंगासन यानी कोबरा पोज के अभ्यास की सिफारिश की।

यह आसान बैकबेंड आसन उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है जो स्ट्रेस, कब्ज, पेट की चर्बी, पीठ दर्द या सांस की समस्याओं से परेशान रहते हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारा शरीर हमारी सोच से कहीं ज्यादा बोझ उठाता है। तनाव, थकान और शारीरिक असंतुलन धीरे-धीरे बढ़ते हैं और गंभीर समस्या बन जाते हैं। भुजंगासन जैसे हल्के बैकबेंड आसन इन समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार साबित होते हैं।

भुजंगासन के अभ्यास से तन-मन दोनों को फायदे मिलते हैं। भुजंगासन छाती को खोलता है, रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है और पीठ की जकड़न को दूर करता है। यह आसन पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, जिससे कब्ज की शिकायत कम होती है। साथ ही पेट की चर्बी घटाने में भी सहायक है। नियमित अभ्यास से स्ट्रेस और मानसिक थकान कम होती है क्योंकि यह सांस लेने की प्रक्रिया को सुधारता है और ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाता है। ब्रोंकाइटिस जैसी सांस संबंधी समस्याओं में भी आराम पहुंचाता है।

भुजंगासन उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जिन्हें लंबे समय तक बैठकर काम करना पड़ता है। रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाकर यह मुद्रा संबंधी दर्द को कम करता है और शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ाता है।

एक्सपर्ट के अनुसार, भुजंगासन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेट जाएं। हथेलियों को कंधों के नीचे रखें। सांस अंदर लेते हुए छाती और सिर को ऊपर उठाएं। कमर को ज्यादा न मोड़ें। 15-30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें और फिर धीरे से वापस लेट जाएं। शुरुआत में 3-5 बार करें।

आयुष मंत्रालय का कहना है कि भुजंगासन न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी संतुलित रखता है। यह शरीर के उन हिस्सों में आराम पहुंचाता है जहां जकड़न महसूस होती है। हेल्थ एक्सपर्ट लोगों से अपील करते हैं कि वे रोजाना थोड़ा समय निकालकर ऐसे आसनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। नियमित अभ्यास से तनाव मुक्त, स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करेंगे। हालांकि, गंभीर बीमारी या हाल ही में सर्जरी वाले लोग डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही इस आसन का अभ्यास करें।

Partners: f1 casino 20 euro https://sportunagreek.com/ stelario https://smokace-de.com/ https://lemoncasino77.com/ https://uniquecasinoes.com/ https://casinolygreek.com/ winnerz wazamba unique casino
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments