पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया है कि भाजपा समर्थकों ने ‘परिबर्तन’ (बदलाव) के नाम पर कई जगहों पर हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया। कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके के पास दुकानों में तोड़फोड़ और TMC के दफ्तर पर हमले की खबरें सामने आई हैं।
TMC का कहना है कि भाजपा जिन वादों के साथ सत्ता में आई थी, उसके विपरीत राज्य में डर और हिंसा का माहौल बन रहा है। पार्टी ने इन घटनाओं को जीत का जश्न नहीं, बल्कि ‘आतंक’ करार दिया है। विपक्षी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे हालात बिगड़ गए। पार्टी ने सीधे तौर पर नरेंद्र मोदी और अमित शाह की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को खुली छूट मिल गई है, जिसके कारण वे सड़कों पर हिंसा कर रहे हैं।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटनाओं के बाद राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। विपक्ष का कहना है कि स्थिति और गंभीर हो सकती है, जहां फिलहाल दुकानों को निशाना बनाया जा रहा है, वहीं आगे आम लोगों और राजनीतिक विरोधियों पर खतरा बढ़ सकता है।
TMC ने किया विरोध का ऐलान
तृणमूल कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस तरह की घटनाओं का डटकर सामना करेगी और किसी भी दबाव में नहीं आएगी। पार्टी ने इसे ‘राज्य प्रायोजित हिंसा’ बताते हुए विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। जानकारी के अनुसार, जगतबल्लवपुर में TMC के एक दफ्तर में आगजनी की घटना भी सामने आई है, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई है।
पुलिस पर हमला, सुरक्षा बढ़ाई गई
उत्तर 24 परगना जिले के सरबेरिया-आगरहाटी ग्राम पंचायत के बामनघेरी इलाके में भी तनाव बना हुआ है। रात के समय गश्त कर रही पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।


