सिद्धार्थ विहार स्थित गंगा-यमुना हिंडन अपार्टमेंट के हजारों निवासियों को लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में बड़ी राहत मिली है। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधिमंडल और आवास विकास परिषद के अधिकारियों के बीच हुई अहम बैठक में सोसायटी की शेष 10 लिफ्टों की मरम्मत मूल निर्माता कंपनी ओटिस (OEM) से कराने पर सहमति बन गई। इसके साथ ही एक माह के भीतर छह नए ट्रांसफार्मर जारी करने का भी निर्णय लिया गया।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष एएन त्रिपाठी ने बताया कि यह बैठक लखनऊ में आवास आयुक्त के साथ हुई वार्ता के बाद उनके निर्देश पर आयोजित की गई। बैठक में विद्युत अधीक्षण अभियंता सीपी सिंह, गाजियाबाद वृत्त के अधीक्षण अभियंता एके मित्तल तथा ओटिस कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे।
लिफ्ट समिति के सदस्य कैलाश चंद्र शर्मा ने बताया कि पहले 62 लाख रुपये का टेंडर एक गैर-ओईएम वेंडर को दिया गया था। आरडब्ल्यूए की आपत्ति के बाद उस टेंडर को निरस्त कर मूल निर्माता कंपनी ओटिस को ही मरम्मत का कार्य सौंपने का फैसला लिया गया। कंपनी ने करीब 80 लाख रुपये की लागत से आवश्यक अतिरिक्त बजट के साथ सभी लिफ्टों की मरम्मत करने पर सहमति दी है।
बैठक में लिफ्टों के अलावा जर्जर भवनों की मरम्मत, इमारतों की पेंटिंग, क्लब हाउस की लिफ्ट, लंबित सिविल कार्यों और गंगाजल की निर्बाध आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बजट स्वीकृत होते ही सभी विकास एवं मरम्मत कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू कराए जाएंगे।


