अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इस योजना के तहत ही जालंधर का कैंट रेलवे स्टेशन भी जालंधर के लोगों को एक बड़ी सौगात के रूप में मिलने जा रहा है। जालंधर कैंट का यह रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं के साथ नए रूप में तैयार हो चुका है। शुक्रवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन से पहले रेलवे, जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अंतिम तैयारियों में जुटी हुई हैं।
जालंधर कैंट स्टेशन की बात करें तो लगभग 110 वर्ष पुराने इस स्टेशन का पुनर्विकास लगभग 125 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसके नवनिर्माण दौरान भी स्टेशन की ऐतिहासिक पहचान को खत्म नहींं किया गया है। स्टेशन की इमारत के डिजाइन व वास्तुकला में पंजाब की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी शामिल की गई है। इस स्टेशन के नए डिजाइन में आधुनिक तकनीक व पारंपरिक शैली का बेहतर तालमेल देखने को मिल रहा है। इसके अलावा ‘वन स्टेशन-वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष स्टॉल भी स्थापित किए गए हैं।
एयरपोर्ट जैसी फीलिंग देगा कैंट का यह नया रेलवे स्टेशन
पंजाब का पहला ऐसा रेलवे स्टेशन होगा जो कि यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी फीलिंग देगा। स्टेशन पर यात्रियों के लिए 36 मीटर चौड़ा डबल-हाइट एयर कॉनकोर्स तैयार किया गया है, जिससे हजारों यात्रियों की आवाजाही पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गई है। यात्रियों के बैठने, प्रतीक्षा करने और विभिन्न प्लेटफार्मों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त खुला स्थान उपलब्ध कराया गया है। इसमें यात्रियों के बैठने के लिए आरामदायक सीटें लगाई गई हैं व सीटों के बगल में चार्जिंग सिस्टम भी बनाया गया है। इसके अलावा आधुनिक लिफ्ट, एस्केलेटर, दिव्यांग अनुकूल रैंप, व्हीलचेयर सुविधा, आधुनिक शौचालय, फिसलन रोधी फ्लोरिंग व ऊर्जा बचाने वाली एलईडी लाइटिंग लगाई गई हैं।
40 मीटर चौड़ी स्टील ट्रफ रूफ बनी सबसे बड़ी आकर्षण
इस स्टेशन की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक 40 मीटर चौड़ी स्टील ट्रफ रूफ है। यह आधुनिक स्टील छत लगभग 200 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म को पूरी तरह कवर करती है। इससे यात्रियों को तेज धूप, बारिश और खराब मौसम से सुरक्षा मिलेगी। नई स्टील रूफ स्टेशन को आधुनिक अंतरराष्ट्रीय रेलवे स्टेशनों जैसी पहचान देती है। स्टेशन पर 6 मीटर और 9 मीटर चौड़े आधुनिक फुट ओवरब्रिज बनाए गए हैं। पहले स्टेशन पर मुख्य प्रवेश केवल एक ओर से था, लेकिन पुनर्विकास के बाद अब स्टेशन को दोनों तरफ से प्रवेश योग्य बनाया गया है। इसके अलावा यात्रियों के निजी वाहनों के लिए स्टेशन परिसर में लगभग 4855 वर्गमीटर का आधुनिक पार्किंग क्षेत्र बनाया गया है।
कैंट रेलवे स्टेशन पर होता है रोजाना 66 ट्रेनों का अप डाउन
जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन उत्तर रेलवे के महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि इस स्टेशन पर रौजाना 66 ट्रेनों का अप व डाउन होता है। इस स्टेशन पर प्रतिदिन औसतन 7500 से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है। यहां से दो जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस, एक हमसफर एक्सप्रेस, एक गरीब रथ एक्सप्रेस सहित अनेक मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें संचालित होती हैं। विशेष बात यह है कि यह स्टेशन पूरी तरह यात्री सेवाओं के लिए समर्पित है। यहां मालगाड़ियों का संचालन नहीं किया जाता। इस स्टेशन की एक ओर खास्यित यह होगी कि स्टेशन पर वन स्टेशन-वन प्रोडक्ट योजना के तहत विशेष स्टॉल बनाए गए हैं। इन स्टॉलों पर पंजाब के स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद व क्षेत्रीय विशेषताओं से जुड़े सामान उपलब्ध होंगे।


