संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले कांग्रेस अपनी संसदीय रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को अहम बैठक करेगी। यह बैठक कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर आयोजित होगी। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और रणनीतिकार शामिल होंगे।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार को किन मुद्दों पर घेरना है, इस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही संसद के भीतर और बाहर पार्टी की रणनीति, विपक्षी दलों के साथ समन्वय, राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों तथा आम जनता से जुड़े विषयों पर भी मंथन होगा।
कांग्रेस इस बात पर भी विचार करेगी कि सदन में किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाए और सरकार को किस तरह प्रभावी ढंग से जवाबदेह बनाया जाए। विपक्षी दलों के साथ तालमेल और संयुक्त रणनीति पर भी बैठक में चर्चा होने की संभावना है।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, सत्र में राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी विचार किया जाएगा।
सरकार इस सत्र में परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक, महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों के क्रियान्वयन तथा ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से संबंधित प्रस्तावों सहित कई अहम विधेयकों को पेश या आगे बढ़ा सकती है। इसके अलावा कुछ लंबित संवैधानिक संशोधन और अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
कांग्रेस की बैठक में प्रस्तावित परिसीमन विधेयक पर पार्टी का रुख भी तय किया जा सकता है। पार्टी का प्रयास रहेगा कि मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के साथ मिलकर प्रमुख मुद्दों पर सरकार को प्रभावी ढंग से घेरा जाए।


