नीट यूजी (NEET UG) पेपर लीक मामले में जांच कर रही सीबीआई ने राउज एवेन्यू कोर्ट को बताया कि इस मामले में दाखिल चार्जशीट करीब 20 हजार पन्नों की है। अदालत ने चार्जशीट को रिकॉर्ड पर लेते हुए सीबीआई को उससे जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 3 अगस्त को होगी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई से चार्जशीट में दर्ज गवाहों के बयान और अन्य संबंधित दस्तावेजों के बारे में जानकारी मांगी। इस पर सीबीआई ने बताया कि एनेक्सर (संलग्न दस्तावेजों) की स्कैनिंग का काम जारी है, इसलिए शेष दस्तावेज दाखिल करने के लिए कुछ और समय की आवश्यकता है। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार कर लिया।
नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए थे, जिसके बाद सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। अब इस मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
चार्जशीट में 13 आरोपी
सीबीआई की चार्जशीट में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें एनटीए के जीवविज्ञान विशेषज्ञ मनीषा मंधारे, रसायन विज्ञान विशेषज्ञ प्रल्हाद विट्ठलराव और भौतिकी विशेषज्ञ मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं।
इसके अलावा बिचौलियों के रूप में मनीषा संजय वाघमारे, धनंजय निवृत्ति लोखंडे, शुभम मधुकर खैरनार, यश यादव, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे को भी आरोपी बनाया गया है।
चार्जशीट में लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर तथा पुणे स्थित एपीएमए कोचिंग इंस्टीट्यूट के भौतिकी संकाय एवं सीओओ तेजस हर्षदकुमार शाह का नाम भी शामिल है। अब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को राउज एवेन्यू कोर्ट में होगी।


