अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को अपनी ‘टेन मोस्ट वांटेड फ्यूजिटिव्स’ सूची में शामिल किया है। एफबीआई के मुताबिक गोल्डी बराड़ लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप से कथित तौर पर जुड़ा है और उत्तरी अमेरिका में इस नेटवर्क के कथित नेताओं में शामिल है। उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना के लिए एफबीआई ने 10 लाख डॉलर (करीब 8.3 करोड़ रुपये) तक के इनाम की घोषणा की है।
एफबीआई ने 28 सितंबर को गोल्डी बराड़ को अपनी ‘टेन मोस्ट वांटेड फ्यूजिटिव्स’ सूची में शामिल करने की घोषणा की। एजेंसी के अनुसार वह हत्या, जबरन वसूली, अपहरण, गोलीबारी, मारपीट तथा मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी समेत कई गंभीर अपराधों में कथित रूप से शामिल है। एफबीआई ने उसे बेहद हिंसक, हथियारबंद और खतरनाक बताया है।
एफबीआई के अनुसार गोल्डी बराड़ अमेरिका में रहता है और लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप का उत्तरी अमेरिका में कथित नेता है। एजेंसी का आरोप है कि यह नेटवर्क दक्षिणी कैलिफोर्निया के अलावा अमेरिका और कनाडा में लक्षित हत्याओं, गोलीबारी, अपहरण, जबरन वसूली और नशीले पदार्थों व हथियारों की तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है।
एफबीआई के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेल में बंद है और कथित तौर पर जेल के भीतर से भी अपने आपराधिक नेटवर्क को निर्देश देता रहा है। एजेंसी के अनुसार बिश्नोई ने अपने नेटवर्क के संचालन के लिए भरोसेमंद सहयोगियों को जिम्मेदारी दी थी, जिनमें गोल्डी बराड़ भी शामिल था। हालांकि, ये आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं।
गोल्डी बराड़ के खिलाफ अमेरिका की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में कई आरोप लगाए गए हैं। इनमें रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गनाइजेशंस (RICO) साजिश, जबरन वसूली के जरिए कारोबार में हस्तक्षेप करने की साजिश और प्रयास तथा प्रतिबंधित पदार्थों को वितरित करने और वितरण के इरादे से रखने की साजिश शामिल है।
एफबीआई ने बताया कि जुलाई 2026 में अमेरिकी अधिकारियों ने ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ के तहत भारत आधारित अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों से जुड़े 37 आरोपियों के खिलाफ आरोपों की घोषणा की थी। यह कार्रवाई कई वर्षों से चल रही संघीय जांच का हिस्सा थी। इनमें से एक आरोप-पत्र बिश्नोई नेटवर्क पर केंद्रित था, जिसमें गोल्डी बराड़ को कथित तौर पर नेताओं में से एक बताया गया है।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि गोल्डी बराड़ ने दुनियाभर में नेटवर्क के सदस्यों और सहयोगियों को निर्देश देने में मदद की। एफबीआई के मुताबिक नेटवर्क पर भारत, अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों में हिंसक गतिविधियों तथा जबरन वसूली के जरिए लोगों में भय पैदा करने के आरोप हैं।
गोल्डी बराड़ का नाम कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भी सामने आया था। इससे पहले उसके द्वारा निज्जर की हत्या कराने का दावा किए जाने की खबरें सामने आई थीं। इस दावे के अनुसार उसने निज्जर पर बच्चों को नशीले पदार्थ बेचने का आरोप लगाया था।
एफबीआई ने गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी के लिए आम लोगों से जानकारी देने की अपील की है। एजेंसी के मुताबिक सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जा सकती है और जानकारी एफबीआई की टिप लाइन या ऑनलाइन माध्यम से दी जा सकती है।


