भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे अटारी इलाके में पुलिस ने नशा तस्करी और हथियारों की तस्करी के एक कथित नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, अटारी सेक्टर के पास स्थित एक अमरूद के बाग में ड्रोन के जरिए हेरोइन और हथियारों की खेप गिराई जाती थी। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर उसे वहां से उठाकर आगे सप्लाई करते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में बराड़ी गांव निवासी संदीप सिंह, उसकी पत्नी कमलजीत कौर और उसके भाई बिक्रमजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से एक AK-56, एक AK-47, चार मैगजीन, 10 कारतूस और करीब 10 किलो हेरोइन बरामद करने का दावा किया गया है।
अमरूद के बाग का लिया था लेबर ठेका
आईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर और एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चाहल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि संदीप सिंह ने कथित तौर पर अटारी सीमा से सटे इलाके में अमरूद के बाग का लेबर ठेका लिया था। पुलिस का कहना है कि घना बाग होने के कारण वहां ड्रोन से गिराई गई खेप को छिपाना और बाद में उठाना आसान था।
जांच के मुताबिक, पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए कथित तौर पर हेरोइन और हथियार गिराए जाते थे। इसके बाद संदीप सिंह और उसकी पत्नी कमलजीत कौर कथित रूप से मौके से खेप उठाकर आगे पहुंचाते थे।
कभी कार तो कभी एक्टिवा से पहुंचाते थे खेप
पुलिस के अनुसार, आरोपी दंपती कभी कार तो कभी एक्टिवा का इस्तेमाल कर कथित तौर पर नशे और हथियारों की खेप को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते थे। अधिकारियों का कहना है कि सामान्य तरीके से आवाजाही करने के कारण लंबे समय तक उनकी गतिविधियां संदिग्ध नजर नहीं आईं।
पहले भी दर्ज हो चुके हैं कई मामले
पुलिस के मुताबिक, संदीप सिंह के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। वर्ष 2022 में उसे कथित तौर पर आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वर्ष 2025 में चोरी का मामला दर्ज होने की बात सामने आई। पुलिस ने यह भी बताया कि अगस्त और सितंबर में घरिंडा तथा लोपोके थानों में हेरोइन से जुड़े मामले दर्ज किए गए थे।
पुलिस का कहना है कि संदीप सिंह से जुड़े गिरोह के करीब आधा दर्जन सदस्यों को पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच जारी
अधिकारियों के मुताबिक, तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उनकी फोरेंसिक जांच करवाई जा रही है। जांच एजेंसियां कथित तौर पर यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों के संपर्क किन लोगों से थे और बरामद हेरोइन व हथियारों की खेप को आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
पुलिस ने दावा किया कि पूरे नेटवर्क को कथित तौर पर संदीप सिंह संचालित कर रहा था और उसके निर्देश पर ही हथियार तथा नशीले पदार्थ आगे सप्लाई किए जाते थे। मामले में आगे की जांच जारी है।


