पंजाब को कृषि-प्रधान अर्थव्यवस्था के साथ-साथ देश का अग्रणी औद्योगिक केंद्र बनाने के उद्देश्य से भगवंत मान सरकार ने राज्य की नई ‘औद्योगिक एवं व्यापारिक विकास नीति 2026’ (Industrial & Business Development Policy 2026) लागू की है। सरकार का लक्ष्य राज्य में ₹75,000 करोड़ से अधिक का नया निवेश आकर्षित करना और लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। 1. पहली बार कैपिटल सब्सिडी और 100% तक वित्तीय प्रोत्साहननई नीति के तहत मान सरकार ने भारत में पहली बार उद्योगों के लिए एक नया कैपिटल सब्सिडी (Capital Subsidy) मॉडल पेश किया है। जोखिम में कमी: कंपनियों को अब पूरा शुरुआती जोखिम नहीं उठाना पड़ेगा; सरकार परियोजना लागत का एक हिस्सा अग्रिम (upfront) सह-निवेश करेगी। विस्तारित इंसेंटिव अवधि: अधिकांश राज्यों में जहाँ नीतियाँ 5 से 10 वर्षों के लिए लागू होती हैं, वहीं पंजाब ने भारी उद्योगों और डेटा सेंटरों के लिए वित्तीय सहायता अवधि बढ़ाकर 15 साल कर दी है। फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट (FCI): फिक्स्ड कैपिटल की परिभाषा का दायरा बढ़ाया गया है, जिससे कंपनियां अपनी निवेश लागत का 100% तक इंसेंटिव के रूप में वापस प्राप्त कर सकेंगी। 2. फ्लेक्सिबल इंसेंटिव और अनुकूलित पैकेज (Customised Packages)निवेशकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीति को बेहद लचीला बनाया गया है। कारोबारी करीब 20 से अधिक उपलब्ध इंसेंटिव्स में से अपनी आवश्यकतानुसार कस्टम पैकेज चुन सकते हैं। यह नीति केवल नई (Greenfield) इकाइयों के लिए ही नहीं, बल्कि राज्य में पहले से स्थापित पुरानी इकाइयों के आधुनिकीकरण और विस्तार (Expansion) पर भी समान रूप से लागू होगी। 3. सीमावर्ती और कांडी क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेजराज्य के क्षेत्रीय संतुलन को बनाए रखने और उन क्षेत्रों में उद्योगों को आकर्षित करने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है जहाँ भौगोलिक जोखिम माना जाता था:सीमावर्ती (Border) और कांडी क्षेत्र: इन संवेदनशील या पिछड़े क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों और 9 चिन्हित थ्रस्ट सेक्टर्स को 25% अतिरिक्त इंसेंटिव दिए जाएंगे।मुख्यमंत्री भगवंत मान के अनुसार, “सरकार अब भौगोलिक जोखिम की भरपाई आश्वासन से नहीं, बल्कि रुपयों में इंसेंटिव देकर कर रही है।”4. रोजगार सृजन और समावेशन (Employment & Inclusion Incentives)एमएसएमई और छोटे उद्योगों को राहत: रोजगार से जुड़े वित्तीय लाभ (Employment Generation Subsidy) प्राप्त करने की सीमा को घटाकर ₹25 करोड़ का निवेश और 50 कर्मचारियों की भर्ती कर दिया गया है। समान अवसर और विविधता: महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST), दिव्यांगजनों और IT/ITeS सेक्टर में रोजगार देने वाले संस्थानों को अधिक सब्सिडी और प्राथमिकता दी जाएगी। 5. इज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) & राइट टू बिजनेसत्वरित मंजूरियां: नए उद्योग स्थापित करने के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ को मजबूत किया गया है। ‘राइट टू बिजनेस एक्ट’ के तहत विनियामक अनुमतियों (Regulatory Clearances) की समयसीमा को घटाकर 5 से 18 दिन के भीतर कर दिया गया है।बिजली दरें व छूट: योग्य औद्योगिक इकाइयों को कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की तारीख से बिजली शुल्क (Electricity Duty) में 100% छूट दी जाएगी।’प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026′ में मिला बड़ा रिस्पॉन्समोहाली में आयोजित प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 के पहले ही दिन टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू (JSW), एचएमईएल (HMEL), ट्राइडेंट और हीरो इंडस्ट्रीज जैसे प्रमुख औद्योगिक समूहों ने ₹10,000 करोड़ से अधिक के विस्तार व नए प्रोजेक्ट्स की घोषणा की। मुख्य सार: पंजाब सरकार की इस 2026 औद्योगिक नीति का मूल उद्देश्य राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना, कैपिटल रिस्क कम करना और पंजाब को उत्तर भारत का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग और टेक हब बनाना है |


