देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के अनुसार, 15 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से विदा हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह हाल के वर्षों में मानसून की सबसे तेज विदाई में से एक मानी जाएगी। इसके साथ ही दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून के आगमन के लिए भी परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बन रही हैं, जिससे कई दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून की दस्तक, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 15 से 21 अक्टूबर के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूर्ण वापसी के साथ ही प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वी तटीय इलाकों में पूर्वोत्तर मानसून की बारिश दस्तक दे देगी। इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और केरल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस अवधि में दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश का स्तर सामान्य से अधिक रह सकता है, जबकि उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम शुष्क बना रहेगा और बारिश सामान्य से कम दर्ज की जाएगी।
19 सितंबर से शुरू हुआ था वापसी का दौर, अंतिम चरण में प्रक्रिया
स्काईमेट वेदर सर्विसेज के अध्यक्ष जी.पी. शर्मा के मुताबिक, 19 सितंबर से शुरू हुई मानसून वापसी की प्रक्रिया अब अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच चुकी है। वर्तमान में मानसून वापसी की सीमा रेखा सुपौल, रांची, सुंदरगढ़, बरगढ़, बीजापुर, हैदराबाद, बेलगावी और पणजी से होकर गुजर रही है। देश के पश्चिमी हिस्से से मानसूनी हवाएं पूरी तरह लौट चुकी हैं। उम्मीद है कि 13 अक्टूबर तक दक्षिण प्रायद्वीप, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों से भी विदाई पूरी हो जाएगी, जिसके बाद केवल मिजोरम और त्रिपुरा ही इसके दायरे में बचेंगे। इसके अगले 48 घंटों में देश के हर कोने से मानसून की वापसी मुमकिन है।
डेढ़ दशक के सबसे तेज विदाई रिकॉर्ड की होगी बराबरी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जब वापसी रेखा प्रायद्वीप पर लगभग 15 डिग्री उत्तरी अक्षांश (15°N) तक पहुंच जाती है और मानसूनी हवाएं पूरे उपमहाद्वीप से हट जाती हैं, तब दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई को पूर्ण माना जाता है। यदि मौसम विभाग 15 अक्टूबर के आसपास आधिकारिक विदाई की घोषणा करता है, तो यह पिछले डेढ़ दशक की सबसे त्वरित विदाई में शुमार होगा। इससे पहले वर्ष 2024 में 15 अक्टूबर, 2025 में 16 अक्टूबर और 2023 में 19 अक्टूबर को मानसून ने देश से पूरी तरह विदाई ली थी।


