Saturday, November 7, 2026
Google search engine
Homeदेशरसगुल्ला, गुलाब जामुन या काजू कतली? जानिए कौन सी मिठाई कितनी खाना...

रसगुल्ला, गुलाब जामुन या काजू कतली? जानिए कौन सी मिठाई कितनी खाना है सेफ

दीपावली हो, धनतेरस या भाई दूज, हर त्योहार पर मिठाई खाने और खिलाने का अपना अलग ही मजा है। बाजार में रंग-बिरंगी मिठाइयां देखकर मन ललचाना भी स्वाभाविक है। लेकिन स्वाद के चक्कर में कई बार हम जरूरत से ज्यादा मिठाई खा लेते हैं। इसका असर हमारी सेहत पर पड़ सकता है। खासकर डायबिटीज, मोटापे, हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल से जुड़ी समस्याओं से परेशान लोगों को खानपान का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत होती है।

मिठाई पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसकी मात्रा पर नियंत्रण रखना जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, रोजाना ली जाने वाली कुल ऊर्जा में फ्री शुगर की मात्रा 10 प्रतिशत से कम होनी चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य के लिए इसे 5 प्रतिशत से कम रखना ज्यादा फायदेमंद माना गया है। इसलिए त्योहारों में भी मिठाई खाते समय अपनी रोजाना की कुल चीनी का ध्यान रखें। सामान्य तौर पर एक बार में मिठाई का छोटा टुकड़ा या लगभग 20-30 ग्राम मात्रा पर्याप्त हो सकती है। हालांकि, यह कोई सबके लिए तय मात्रा नहीं है। उम्र, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के हिसाब से जरूरत बदल सकती है।

काजू कतली: त्योहारों में काजू कतली काफी पसंद की जाती है। इसमें काजू के साथ चीनी भी होती है। ऐसे में एक बार में एक छोटा टुकड़ा यानी लगभग 15–20 ग्राम खाना पर्याप्त है। इसे रोजाना खाने के बजाय कभी-कभार ही खाएं।

बेसन के लड्डू: बेसन में प्रोटीन और कुछ फाइबर होता है, लेकिन लड्डू बनाने में घी और चीनी का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए एक छोटा लड्डू या आधा बड़ा लड्डू खाना ठीक रहेगा।

रसगुल्ला: रसगुल्ला छेने से बनता है, लेकिन इसमें चीनी की चाशनी भी काफी होती है। ऐसे में एक छोटा रसगुल्ला खाएं और अतिरिक्त चाशनी को निकाल दें।

गुलाब जामुन: यह मिठाई स्वादिष्ट होने के साथ घी और चीनी से भी भरपूर होती है। इसलिए एक छोटा गुलाब जामुन खाना पर्याप्त है। इसे खाने के बाद दूसरी मीठी चीजें खाने से बचें।

जलेबी: जलेबी को तेल या घी में तलकर चाशनी में डुबोया जाता है। इसमें चीनी और कैलोरी दोनों अधिक हो सकती हैं। ऐसे में एक छोटी जलेबी तक ही सीमित रहना बेहतर है।

खीर: दूध से बनी खीर में कैल्शियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व होते हैं, लेकिन चीनी और मेवे डालने से इसकी कैलोरी बढ़ जाती है। त्योहारों में आधी छोटी कटोरी यानी करीब 75-100 ग्राम खीर खा सकते हैं। बेहतर होगा कि इसे कम चीनी में बनाया जाए।

त्योहारों में मिठाई खाने के साथ कुछ छोटी-छोटी आदतें अपनाकर सेहत का ख्याल रखा जा सकता है। सबसे पहले खाली पेट मिठाई खाने से बचें। भोजन के बाद सीमित मात्रा में मिठाई खाएं। एक ही समय में कई तरह की मिठाइयां खाने के बजाय अपनी पसंद की कोई एक मिठाई चुनें। घर पर मिठाई बना रहे हैं तो चीनी और घी की मात्रा कम रखें। इसके अलावा रोजाना पर्याप्त पानी पिएं और शारीरिक गतिविधियां जारी रखें।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments