सुप्रीम कोर्ट ने महादेव सट्टेबाजी एप के फरार सह-संस्थापक रवि उप्पल के दुबई से भी भागकर किसी अज्ञात स्थान पर चले जाने पर गंभीर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को उप्पल का पता लगाने और उसकी मौजूदगी सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया है। न्यायालय ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे मामलों के आरोपी अदालतों और जांच एजेंसियों को “खेल समझें”, इसकी अनुमति कतई नहीं दी जा सकती।
न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने आरोपी रवि उप्पल के कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के रवैये को गंभीरता से लिया। पीठ ने कहा, इससे हमारी अंतरात्मा को धक्का लगा है और अदालत को इस बारे में कुछ करना होगा। पीठ ने कहा, उस जैसे सरगनाओं के लिए अदालतें और जांच एजेंसियां महज खेलने का साधन हैं। हमें इस बारे में कुछ करना होगा।
पीठ ने ईडी को उसे तलाशने और हिरासत में लेने का निर्देश देते हुए मंगलवार को कहा, “हम उसकी याचिका खारिज कर देंगे। पता लगाइए कि उसे कैसे हिरासत में लिया जाए। ऐसा लगता है कि वह एक जगह से दूसरी जगह जाने में काफी कुशल है।”
शीर्ष अदालत उप्पल की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 22 मार्च के आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उप्पल को रायपुर की निचली अदालत में लंबित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई में शामिल होने का निर्देश दिया था।
ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत को बताया कि उप्पल दुबई से भाग गया है, जहां उसे 2023 में हिरासत में लिया गया था। उसके भागने के बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अधिकारियों ने उसके खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्यवाही बंद कर दी है।
राजू ने आशंका जताई कि आरोपी अक्सर ऐसे स्थानों पर भागने की कोशिश करते हैं, जहां भारत के साथ प्रत्यर्पण संधियां नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हो सकता है कि वह ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह जैसे स्थान पर चला गया हो।”
पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 नवंबर की तारीख तय की है। जब उप्पल के वकील ने समय मांगा, तो पीठ ने कहा कि वह अपने मुवक्किल को भारत लौटने और कार्यवाही का सामना करने के लिए राजी करें। न्यायमूर्ति सुंदरेश ने कहा, “वह हर समय भागते नहीं रह सकते। उन्हें इस प्रक्रिया में भाग लेना होगा। हम उचित चरण में उनकी ज़मानत याचिका पर विचार करेंगे।”
क्या है 6,000 करोड़ी घोटाला?
उप्पल को इंटरपोल रेड नोटिस के कारण दिसंबर 2023 में दुबई में हिरासत में लिया गया था। एजेंसियों के अनुसार, उप्पल ने अपने सहयोगी सौरभ चंद्राकर के साथ मिलकर 2018 में महादेव सट्टेबाजी एप शुरू की थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह घोटाला 6,000 करोड़ रुपये का है।
उप्पल के सहयोगी चंद्राकर को भी अक्टूबर 2024 में दुबई में गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ प्रत्यर्पण अनुरोध अभी लंबित है। छत्तीसगढ़ पुलिस की जांच के आधार पर इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी आरोपी बनाया गया था, और बाद में मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया था।


