पंजाब की सियासत में आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसदों को लेकर जारी विवाद अब संवैधानिक स्तर तक पहुंच गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा है। सूत्रों के मुताबिक, सीएम मान अपने विधायकों के साथ दिल्ली जाकर इस पूरे घटनाक्रम पर राष्ट्रपति के सामने पक्ष रखेंगे और पार्टी छोड़ने वाले सांसदों के खिलाफ ‘राइट टू रिकॉल’ जैसी कार्रवाई की मांग कर सकते हैं।
इसी मुद्दे पर AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी उपराष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। उनका उद्देश्य पार्टी छोड़ने वाले सांसदों की सदस्यता रद्द कराने की मांग उठाना है। इस मामले में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि केवल तीन सांसद ही भाजपा में शामिल हुए हैं, जबकि बाकी अभी भी AAP के साथ हैं।
वहीं, पार्टी छोड़ने वाले गुट का नेतृत्व कर रहे राघव चड्ढा ने दावा किया है कि राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसदों में से 7 उनके साथ हैं। उनका कहना है कि दो-तिहाई संख्या होने के कारण उन पर दलबदल कानून लागू नहीं होता। हालांकि, इस दावे को खारिज करते हुए हरपाल चीमा ने आरोप लगाया कि दो सांसदों स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं।
गौरतलब है कि बीते दिन AAP के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 के पार्टी छोड़ने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। इसके बाद राघव चड्ढा ने अशोक मित्तल और संदीप पाठक के साथ भाजपा जॉइन करने का दावा किया। चड्ढा के मुताबिक, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता भी उनके साथ हैं।


