मुख्यमंत्री सेहत योजना से जनता को मिल रहा 10 लाख तक का मुफ्त इलाज
स्वास्थ्य के क्षेत्र में पंजाब सरकार ने अभूतपूर्व कार्य किए हैं। आम आदमी क्लीनिक, मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना ने पंजाब के स्वास्थ्य ढांचे को पूरी तरह से मजबूत कर दिया है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हर परिवार को प्रमुख निजी अस्पतालों में 10 लाख रुपए तक का मुफ्त कैशलेस इलाज मिलेगा, जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना बन जाएगी। पंजाब सरकार ने चार वर्षों में 990 आम आदमी क्लीनिक खोले हैं, जबकि इससे पहले 75 वर्षों में केवल 400 क्लीनिक बनाए गए थे। इन क्लीनिकों में अब तक 5 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट दर्ज हो चुकी हैं।
सरकारी अस्पतालों में 1,575 डॉक्टरों की भर्ती की गई है। आने वाले समय में 400 मोहल्ला क्लीनिक और बनाएं जाएंगे। पंजाब के हर गांव मोहल्ले में मोहल्ला क्लिनिक मिलेगा। इलाज पूरी तरह से फ्री मिलेगा। मुख्यमंत्री सेहत योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई छिपी हुई शर्तें नहीं हैं। कोई भी नागरिक, चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो, पेंशनर हो या आम आदमी, अपने आधार या वोटर कार्ड के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज पा सकता है। 25 लाख से ज्यादा लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं और 1.6 लाख से अधिक लोग इसका लाभ उठा चुके हैं। पंजाब और चंडीगढ़ के करीब 900 सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना से जुड़ चुके हैं, जहां 2600 तरह की बीमारियों (कैंसर, हार्ट, किडनी आदि) का मुफ्त इलाज हो रहा है।
अस्पतालों में इमारतों से ज्यादा डॉक्टरों की जरूरत होती है। इस बात को समझते हुए भगवंत मान सरकार ने पिछले चार सालों में मानव संसाधन पर भारी निवेश किया है। 948 जनरल डॉक्टरों और 627 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की गई है। 300 नर्सिंग स्टाफ और 250 फार्मासिस्टों को नौकरी दी गई है। 672 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया अभी जारी है। पंजाब सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने में भी देश में सबसे आगे है। पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैंसर स्क्रीनिंग शुरू की है। सितंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच 9,294 महिलाओं की स्तन कैंसर की जांच की गई। इसी प्रकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए 250 बिस्तरों वाले 7 नए केंद्र बनाए जा रहे हैं। हाल ही में धूरी में 30 बिस्तरों वाले केंद्र का उद्घाटन किया गया है।
राज्य के सभी जिला अस्पतालों और 42 में से 33 सब-डिविजनल अस्पतालों में ‘हॉटलाइन’ सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर 400 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए हैं। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पंजाब में सात नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण जोरों पर है। इनके शुरू होने से राज्य में 600 नई एमबीबीएस सीटें बढ़ेंगी, जिससे पंजाब पूरे देश में चिकित्सा शिक्षा का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।


