Monday, May 25, 2026
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पंजाब में ED की बड़ी कार्रवाई, बिल्डर अजय सहगल को किया गया गिरफ्तार, किसानों की जमीन हड़पने का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंडियन कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसाइटी के सचिव अजय सहगल को जालंधर से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पंजाब सरकार से सनटेक सिटी परियोजना के लिए फर्जी सहमति पत्र जमा करके भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) प्राप्त करने से संबंधित धनशोधन मामले में की गई है।

ईडी ने पंजाब पुलिस द्वारा किसानों की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। ईडी की जांच में पता चला कि इंडियन कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसाइटी के अजय सहगल ने 15 जमीन मालिकों की 30.5 एकड़ भूमि के संबंध में फर्जी सहमति पत्र तैयार किए थे। इन फर्जी सहमति पत्रों के आधार पर आरोपी संस्था व व्यक्तियों को ‘सनटेक सिटी’ नामक एक मेगा रियल एस्टेट परियोजना विकसित करने के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) प्रदान किया गया था। सीएलयू प्राप्त करने के लिए ये सहमति पत्र जमीन मालिकों के जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान से तैयार किए गए थे।

ईडी ने इसी मामले में 7 मई को इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी और एबीएस टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े 8 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी के दौरान कारोबारी नितिन गोहेल की बालकनी से 21 लाख रुपये नकद फेंके गए, जो जाली के नीचे से नीचे सड़क पर बिखर गए। बाद में ईडी अधिकारियों ने नकदी बरामद कर ली।

ईडी की जांच में पता चला है कि आवासीय भूखंडों के अलावा अजय सहगल ने फर्जी सहमति पत्रों के आधार पर प्राप्त सीएलयू का उपयोग करके ला कैनेला आवासीय बहुमंजिला परिसर और डिस्ट्रिक्ट 7 वाणिज्यिक परिसर भी विकसित किए।

इन परियोजनाओं में इकाइयां आरईआरए से पंजीकरण और अनुमोदन प्राप्त होने से पहले ही बेची जा रही थीं। आरोपियों ने इन अवैध अनधिकृत परियोजनाओं से 200 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री की है।

यह भी पता चला कि अजय सहगल ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भूखंडों को आज तक ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जीएमएडीए) के एस्टेट ऑफिसर को हस्तांतरित नहीं किया है। यह भी पता चला कि उच्च न्यायालय में हुई चर्चाओं के विपरीत पंजाब क्षेत्रीय और नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा 90 के तहत कार्रवाई करने के बजाय धारा 85 के तहत कार्रवाई करके सनटेक सिटी को शेष स्टॉक को बेचने में मदद करने के लिए केवल 30 एकड़ भूमि के लिए आंशिक सीएलयू रद्द किया गया है।

डीटीसीपी और जीएमएडीए में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। ईडी इस मामले में और गिरफ्तारियां करने की प्रक्रिया में है और साथ ही जीएमएडीए और अन्य सरकारी अधिकारियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने अजय सहगल को इस धोखाधड़ी में सहयोग दिया और बदले में रिश्वत ली।

ईडी गहन जांच कर रही है, जिससे जीएमएडीए और नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। इन अनियमितताओं के तहत सनटेक सिटी और ऐसे ही कई अन्य डेवलपर्स को अवैध रिश्वत लेकर मंजूरी दी गई, जिससे पंजाब के रियल एस्टेट डेवलपर्स गरीब किसानों और भूस्वामियों की कीमत पर समृद्ध हुए।

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