केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं कक्षा के उन छात्रों और उनके अभिभावकों को एक बहुत बड़ी राहत दी है, जो अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं (आंसर शीट) को लेकर तकनीकी दिक्कतों का सामना कर रहे थे। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि 21 और 22 मई 2026 को तकनीकी खामी के कारण स्कैन कॉपियों के आवेदन के दौरान जिन छात्रों के खाते से अतिरिक्त शुल्क कट गया था, वह पैसा उन्हें पूरी तरह से रिफंड कर दिया जाएगा। यह रिफंड ठीक उसी माध्यम (अकाउंट या कार्ड) में भेजा जाएगा जिससे भुगतान किया गया था। वहीं, तकनीकी गड़बड़ी की वजह से जिन छात्रों से निर्धारित शुल्क से कम राशि ली गई थी, उन्हें शेष राशि चुकाने के लिए बोर्ड की तरफ से अलग से सूचित किया जाएगा।
दोबारा आवेदन करने की नहीं होगी कोई जरूरत
इस पूरे घटनाक्रम पर स्थिति साफ करते हुए सीबीएसई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक अहम जानकारी साझा की है। बोर्ड ने बताया है कि फीस भुगतान के दौरान तकनीकी समस्या का सामना करने वाले सभी प्रभावित छात्रों को उनकी जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां हर हाल में उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए किसी भी छात्र को घबराने या पोर्टल पर कोई नया आवेदन (रिक्वेस्ट) करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होगी। बोर्ड अपने स्तर पर इस पूरी प्रक्रिया को पूरा कर रहा है।
आखिर क्या है सीबीएसई फीस कटौती का पूरा मामला?
दरअसल, सीबीएसई कक्षा 12वीं के कई छात्र अपनी जांची हुई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां प्राप्त करना चाहते थे, लेकिन आवेदन प्रक्रिया के पहले तीन दिनों के दौरान उन्हें भारी तकनीकी समस्याओं से जूझना पड़ा। छात्रों ने शिकायत की थी कि वेबसाइट काम नहीं कर रही है और कई मामलों में बैंक खाते से पैसे कट जाने के बावजूद उन्हें स्कैन कॉपी नहीं मिल पा रही है। कुछ छात्रों ने तो यहां तक दावा किया कि उनसे निर्धारित शुल्क से कहीं ज्यादा पैसे वसूल लिए गए। इन सभी भारी दिक्कतों को देखते हुए सीबीएसई ने छात्रों को राहत देते हुए आवेदन की आखिरी तारीख को कई बार आगे बढ़ाया और इसे 19 मई से बढ़ाकर अंतिम रूप से 24 मई कर दिया गया।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिखाई सख्ती, सीबीएसई से तलब की रिपोर्ट
छात्रों को हुई इस भारी परेशानी और सिस्टम की इस बड़ी नाकामी का केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कड़ा संज्ञान लिया है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, शिक्षा मंत्री ने सीबीएसई से इस पूरे मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने विशेष रूप से सर्वर के डाउन होने और पेमेंट गेटवे के फेल होने के सटीक कारणों की जानकारी मांगी है। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तकनीकी विफलताओं से निपटने की तैयारियों और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया का प्रबंधन करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करते हुए अपना स्पष्टीकरण जल्द से जल्द सौंपें।


