भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की अति संवेदनशील और गोपनीय जानकारी सीसीटीवी के जरिए पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजने के मामले में पठानकोट पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस खतरनाक जासूसी नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करते हुए रविवार देर रात गुरदासपुर से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि ये सभी आरोपी देश विरोधी ताकतों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के सीधे संपर्क में थे और देश की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ कर रहे थे।
मास्टरमाइंड के भाई ने मोबाइल छिपाकर रची थी बचने की साजिश
गिरफ्तार किए गए इन तीन आरोपियों में से एक की पहचान हरदीप सिंह के रूप में हुई है। हरदीप इस पूरे जासूसी कांड के मुख्य आरोपी बलजीत सिंह उर्फ बीतू का सगा भाई है, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि हरदीप ने सबूत मिटाने और अपने भाई को बचाने की नीयत से उसका मोबाइल फोन छिपा दिया था। उसने पुलिस को चकमा देने की पूरी कोशिश की, लेकिन जांच एजेंसियों की मुस्तैदी के आगे उसकी एक न चली और आखिरकार वह भी सलाखों के पीछे पहुंच गया।
जासूसी नेटवर्क के अब तक पांच गुर्गे हो चुके हैं गिरफ्तार
हरदीप सिंह के अलावा गुरदासपुर के ही रहने वाले दो अन्य संदिग्धों को भी इस मामले में पुलिस ने दबोचा है, जो इस पूरे नेक्सस का अहम हिस्सा बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े इस बेहद गंभीर मामले में पुलिस अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस नेटवर्क से जुड़े दो अन्य आरोपी पहले से ही जेल की सजा काट रहे हैं, जबकि एक आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।


