केंद्रीय कर्मचारियों को भले ही अभी अपने महंगाई भत्ते (डीए) की बढ़ोतरी का इंतजार हो, लेकिन सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSE) में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का खजाना खोल दिया है। लोक उद्यम विभाग ने इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) यानी औद्योगिक महंगाई भत्ते की नई दरें जारी कर दी हैं। बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए उठाए गए इस बड़े कदम से ऊर्जा, तेल-गैस और इस्पात जैसी दिग्गज सरकारी कंपनियों में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों की मासिक सैलरी में जबरदस्त उछाल आने वाला है।
वेतनमान के हिसाब से तय की गईं भत्ते की नई दरें
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, भत्ते की ये नई दरें 1987, 1997, 2007 और 2017 के वेतनमान के तहत आने वाले CPSE कर्मचारियों पर लागू की गई हैं। ताजा संशोधन के बाद साल 2017 वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों का भत्ता अब 55.7 फीसदी हो गया है। वहीं, 2007 और 1997 के वेतनमान वाले कर्मचारियों का भत्ता बढ़कर क्रमशः 241.7 फीसदी और 476.9 फीसदी तक पहुंच गया है। इसके अलावा 1987 वेतनमान के कर्मचारियों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर इसे 18,298 रुपये तय किया गया है। यह बढ़ा हुआ पैसा गैर-यूनियन सुपरवाइजर और अधिकारियों के खाते में सीधा पहुंचेगा।
सैलरी में दिखेगा सीधा और बड़ा असर
औद्योगिक महंगाई भत्ते (आईडीए) में हुए इस शानदार इजाफे का सीधा फायदा कर्मचारियों के बैंक खाते में क्रेडिट होने वाली सैलरी में नजर आएगा। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है और वह 2017 के वेतनमान की श्रेणी में आता है, तो नई 55.7 फीसदी की दर के हिसाब से उसे हर महीने सिर्फ महंगाई भत्ते के रूप में ही 27,850 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। आईडीए की गणना सीधे तौर पर अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आधार पर होती है, ताकि महंगाई के इस दौर में कर्मचारियों की क्रय शक्ति मजबूत बनी रहे।
केंद्रीय कर्मचारियों को भी जल्द मिल सकती है गुड न्यूज
CPSE कर्मचारियों के भत्ते में यह बंपर बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है, जब लाखों केंद्रीय कर्मचारी भी बेसब्री से अपनी सैलरी बढ़ने की राह देख रहे हैं। पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार जुलाई से दिसंबर छमाही के लिए सितंबर या अक्टूबर के महीने में महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी का बड़ा ऐलान कर सकती है। अनुमान जताया जा रहा है कि सरकार इसमें 3 से 4 फीसदी तक का इजाफा करेगी। अगर ऐसा होता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता मौजूदा 60 फीसदी से उछलकर 63 या 64 फीसदी के पार पहुंच जाएगा।


