आईटी सिटी बेंगलुरु में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपना भारी-भरकम क्रेडिट कार्ड बिल भरने और अतिरिक्त कमाई करने के लिए वीकेंड पर रैपिडो बाइक चलाना शुरू किया। शुरुआत में सब कुछ बहुत अच्छा रहा, लेकिन एक दिन एक राइड के दौरान हुए कड़वे अनुभव और मारपीट ने उसकी आंखें खोल दीं। रेडिट पर अपनी यह आपबीती साझा करते हुए इंजीनियर ने बताया कि कैसे इस एक घटना ने गिग वर्कर्स (ऐप आधारित कैब और बाइक ड्राइवर) के प्रति उसका नजरिया पूरी तरह से बदल दिया। इस वायरल पोस्ट को पढ़कर लोग अब राइड-हेलिंग ड्राइवर्स की रोजाना की परेशानियों और जोखिमों पर गंभीरता से चर्चा कर रहे हैं।
क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाने के लिए शुरू की पार्ट-टाइम ड्राइविंग
रेडिट (Reddit) पर किए गए अपने पोस्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया कि किराए के कमरे का खर्च उठाने और घर की बुनियादी जरूरतें पूरी करने के दौरान उस पर क्रेडिट कार्ड का एक भारी बिल बकाया हो गया था। किसी से पैसे उधार मांगने के बजाय उसने अपने खाली समय का सही इस्तेमाल करने की सोची। चूंकि उसे बाइक चलाने का शौक था और वीकेंड पर उसके पास काफी समय होता था, इसलिए उसने रैपिडो (Rapido) और उबर (Uber) कैप्टन के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन करवा लिया और वीकेंड पर कुछ घंटे राइड्स लेनी शुरू कर दीं।
शुरुआती हफ्तों के बाद एक राइड ने बदल दिया पूरा अनुभव
इंजीनियर ने बताया कि शुरुआती कुछ हफ्तों में उसका यह प्रयोग काफी अच्छा रहा और उसने शानदार कमाई भी की। करीब 20 राइड्स पूरी करने के दौरान ज्यादातर यात्री बेहद अच्छे और सहयोगी मिले, जिसे देखकर उसे हैरानी हुई कि ज्यादा लोग वीकेंड पर इस तरह अतिरिक्त कमाई क्यों नहीं करते। लेकिन जल्द ही एक वीकेंड पर उसकी यह खुशफहमी टूट गई, जब वह एक यात्री को पिक करने पहुंचा। वहां यात्री के एक साथी ने बिना किसी ठोस वजह के उससे राइड कैंसिल करने को कहा।
जुर्माने की बात पर भड़का शख्स, हेलमेट पर किया हमला
जब इंजीनियर ने नियम समझाते हुए बताया कि अपनी तरफ से राइड कैंसिल करने पर कैप्टन (ड्राइवर) पर जुर्माना लगता है और यह कैंसिल ग्राहक को ही अपने ऐप से करना होगा, तो उस शख्स ने बहस शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ गया कि उस व्यक्ति ने गुस्से में आकर इंजीनियर के हेलमेट पर इतनी जोर से हमला किया कि उसका शीशा ही टूट गया। मामले को और तूल देने के बजाय इंजीनियर समझदारी दिखाते हुए वहां से चुपचाप चला गया, लेकिन इस घटना ने उसे अंदर तक झकझोर कर रख दिया।
‘मेरे लिए यह पार्ट-टाइम है, लेकिन जिनका घर इससे चलता है उनका क्या?’
इस घटना का जिक्र करते हुए इंजीनियर ने लिखा कि उसने अपनी मर्जी से यह काम चुना था और खराब अनुभव होने पर वह अगले हफ्ते से राइड्स लेना बंद कर सकता है, क्योंकि उसके पास अपनी आईटी जॉब का मुख्य सहारा है। लेकिन उसने उन हजारों गिग वर्कर्स का दर्द महसूस किया, जिनका पूरा घर और आजीविका ही केवल इसी काम पर निर्भर है। उसने अपनी पोस्ट में लिखा कि इन ड्राइवर्स को रोजाना खराब व्यवहार, नशे में धुत यात्रियों, बेवजह राइड कैंसिल होने, गाड़ी खराब होने और सुरक्षा जैसे कई गंभीर खतरों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद कंपनियां विवाद की स्थिति में ग्राहकों की तुलना में अपने ड्राइवर्स की बहुत कम मदद करती हैं, जिससे उन्हें रोजाना मानसिक और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।


