संगरूर के बहुचर्चित गुलजार सुसाइड मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन पर शिकंजा कस दिया है। मामले में पंजाब सरकार के एक कैबिनेट मंत्री का नाम सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने सरकार से पूरी स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इतने गंभीर मामले में जब किसी मंत्री का नाम आ रहा है, तो इसकी निष्पक्ष और उचित जांच बेहद जरूरी है।
चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा- मंत्री का नाम आया, उचित जांच जरूरी
चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा की अगुवाई वाली खंडपीठ ने मामले से जुड़ी दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया। अदालत ने पंजाब सरकार को बिना कोई औपचारिक नोटिस जारी किए सीधे निर्देश दिए कि मामले की अब तक की प्रगति और वास्तविक स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में पेश की जाए। हाईकोर्ट ने एसएसपी (SSP) कार्यालय से भी स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है कि इस आत्महत्या मामले में पुलिस ने अब तक क्या-क्या कानूनी कदम उठाए हैं और जांच का क्या दायरा रहा है।
याचिकाकर्ताओं ने की CBI जांच की मांग, 6 अक्टूबर को अगली सुनवाई
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि मामले में सत्ताधारी दल के मंत्री का नाम सीधे तौर पर जुड़ रहा है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए केस की कमान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जानी चाहिए। हालांकि, अदालत ने अभी सीधे तौर पर सीबीआई जांच के आदेश देने के बजाय पहले पंजाब सरकार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट अब सरकार की स्टेटस रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को करेगा।


