पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित जापान यात्रा को केंद्र सरकार से राजनीतिक मंजूरी नहीं मिली है। मान को जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का सेमीफाइनल मुकाबला देखने के लिए जाना था। केंद्र की ओर से यात्रा की मंजूरी नहीं दिए जाने के पीछे सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया गया है। भगवंत मान को एशियन हॉकी फेडरेशन (AHF) की ओर से एशियन गेम्स में हॉकी प्रतियोगिताओं के अंतिम चरण में शामिल होने का निमंत्रण मिला था। यह निमंत्रण 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबलों तथा 2 और 3 अक्टूबर को होने वाले फाइनल मुकाबलों के लिए था।
पंजाब के लिए यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा था क्योंकि राज्य में 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी आयोजित होनी है। AHF की ओर से इस दौरे को बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी आयोजन की तैयारियों को समझने के लिहाज से भी उपयोगी बताया गया था।
सुरक्षा को बताया गया मंजूरी न मिलने का कारण
राज्य सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक, केंद्र की ओर से पंजाब सरकार को बताया गया कि एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में मुख्यमंत्री जैसे वीआईपी की सुरक्षा सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण होगा। इसी सुरक्षा चिंता के आधार पर राजनीतिक मंजूरी नहीं दी गई। इस यात्रा का पंजाब से एक और सीधा जुड़ाव था। एशियन गेम्स के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम की 20 सदस्यीय टीम में 8 खिलाड़ी पंजाब से हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री की ओर से भारतीय टीम का मुकाबला देखने की योजना को राज्य में हॉकी से जुड़े लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा था।
पहले भी अटक चुकी है विदेश यात्रा
भगवंत मान की विदेश यात्राओं को लेकर इससे पहले भी राजनीतिक मंजूरी का मुद्दा सामने आ चुका है। अगस्त 2024 में उन्हें पेरिस ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का मुकाबला देखने के लिए फ्रांस जाने की राजनीतिक मंजूरी नहीं मिली थी। जनवरी 2026 में प्रस्तावित ब्रिटेन और इजरायल दौरे के लिए भी मंजूरी नहीं मिली थी, जिसके बाद वह यात्रा रद्द हो गई थी।
हालांकि, मान दिसंबर 2025 में पंजाब के निवेश संबंधी कार्यक्रमों के सिलसिले में जापान की यात्रा कर चुके हैं और इसके बाद दक्षिण कोरिया भी गए थे। फिलहाल केंद्र की मंजूरी नहीं मिलने के बाद भगवंत मान का एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी टीम का मुकाबला देखने जापान जाना संभव नहीं होगा।


