Friday, July 31, 2026
Google search engine
Homeदेश‘शर्म की बात है…’, अभिजीत दीपके बोले- रेपिस्ट का स्वागत करने वाले...

‘शर्म की बात है…’, अभिजीत दीपके बोले- रेपिस्ट का स्वागत करने वाले को बना दिया शिक्षा मंत्री

शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर 36 दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए धर्मेंद्र प्रधान की जगह प्रह्लाद जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी सौंप दी। हालांकि, इस बदलाव के बाद भी आंदोलन से जुड़े संगठनों ने सरकार पर निशाना साधना जारी रखा है।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नए शिक्षा मंत्री को लेकर भी असंतोष जताते हुए कहा कि एक ऐसे व्यक्ति को देश का शिक्षा मंत्री बना दिया गया है जिसने बिलकिस बानो के रेपिस्ट का स्वागत किया था। ऐसे में देश के छात्र-छात्राओं में क्या संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही शर्म की बात है।

एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा कि जो कुछ समय पहले तक हिंदू मुसलमान कर रहे थे वह अब रील डाल रहे हैं। कहीं ना कहीं Gen-Z ने दबाव डाला है कि शिक्षा पर बात करिए। ‘जो नए शिक्षा मंत्री बनाया हैं उनका वीडियो बिलकिस बानो के रेपिस्ट का स्वागत करते हुए वायरल हुआ। आप एक रेपिस्ट के समर्थक को शिक्षा मंत्री बना रहे हैं। इसपर शर्म आ रही है।’दीपके ने कहा ‘अगर कानूनन कुछ भी संभव है तब भी रेपिस्ट का स्वागत नहीं किया जा सकता। यह बहुत ही शर्मनाक है। पूरे देश के लिए शर्मनाक है। जब दुनिया को पता चलेगा कि भारत का शिक्षा मंत्री रेपिस्ट का स्वागत करता है। वहीं जो नए सेक्रेटरी बने हैं वह खुद करप्शन में शामिल रहे हैं। सैकड़ों-हजारों करोड़ों का घोटाला किया है। ऐसे में एक खऱाब इंसान को हटाकर दूसरे को जगह दी जा रही है। अभिजीत दीपके ने कहा, और भी लोग थे जिन्हें शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता था। लेकिन उनके पास लोग ही ऐसे हैं जो कि गुंडे हैं।’

‘प्रदर्शन खत्म हुआ, लेकिन आंदोलन नहीं’

अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी कि आंदोलन फिलहाल स्थगित हुआ है, समाप्त नहीं। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया और उन्हें पुलिस कार्रवाई से सुरक्षा का लिखित आश्वासन नहीं मिला, तो संगठन दोबारा सड़क पर उतरने को मजबूर होगा।

प्रदर्शन में व्यवधान डालने का आरोप

दीपके ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्वों को भेजकर आंदोलन को बाधित करने की कोशिश की गई। उन्होंने जंतर-मंतर के पास पत्थरों से भरे ट्रकों की मौजूदगी का भी उल्लेख करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

सोनम वांगचुक और पेपर लीक पर भी उठाए सवाल

दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने कहा कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाना पेपर लीक होने के बाद की कार्रवाई है, जबकि जरूरत ऐसी व्यवस्था बनाने की है जिससे परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक ही न हों। उन्होंने प्रभावित अभ्यर्थियों को मुआवजा दिए जाने के सरकारी आश्वासन को भी जल्द पूरा करने की मांग की।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments