Marco Rubio की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े मुद्दों पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्री S. Jaishankar के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान रुबियो ने संकेत दिया कि ईरान और होर्मुज क्षेत्र से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों में जल्द सकारात्मक प्रगति देखने को मिल सकती है।
रुबियो ने कहा कि आने वाले कुछ घंटों में दुनिया को “अच्छी खबर” मिल सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जारी वार्ताएं ऐसे समाधान की ओर बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक समुदाय को ईरान के परमाणु कार्यक्रम और संभावित परमाणु हथियारों को लेकर चिंता से राहत मिल सके। उनके बयान को क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में अहम संकेत माना जा रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत-अमेरिका संबंधों को भी नई ऊंचाई देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका केवल राजनयिक साझेदार नहीं, बल्कि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और रणनीतिक हितों से जुड़े मजबूत सहयोगी हैं। रुबियो के अनुसार, दोनों देशों के हित कई वैश्विक मुद्दों पर एक जैसे हैं और यही कारण है कि दोनों राष्ट्र मिलकर दीर्घकालिक रणनीतिक समाधान तैयार कर रहे हैं।
बैठक के दौरान व्यापार, ऊर्जा, रक्षा सहयोग और दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री की यह यात्रा ऐसे दौर में हो रही है जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता सहयोग न केवल एशिया बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


