Friday, May 1, 2026
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आज फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा संसद हमले का मास्टरमाइंड ललित

संसद भवन में घुसकर हंगामा करने की पूरी प्लानिंग बनाने वाले कथित मास्टरमाइंड ललित झा की पुलिस कस्टडी आज शुक्रवार (22 अक्टूबर) को पूरी हो रही है. उसे एक बार फिर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम एक बार फिर उसकी रिमांड की मांग करने वाली है.

इससे पहले दिल्ली पुलिस की टीम ने बिहार के दरभंगा स्थित उसके घर जाकर घर वालों से लंबी पूछताछ की है. 15 दिसंबर को कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि ललित झा ही पूरे प्लान का मास्टरमाइंड है. उसी ने योजना बनाई थी कि किस तरह से संसद भवन में घुसकर हंगामा करना है.

संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले लोगों का फोन किया था जमा
यहां तक कि संसद परिसर के अंदर गए दो लोग और बाहर प्रदर्शन कर रहे दो अन्य लोगों के मोबाइल फोन उसने जमा रख लिए थे. विरोध प्रदर्शन का वीडियो बनाने के बाद राजस्थान भाग गया था. वहां जाकर उसने फोन जला दिए थे. उसकी निशानदेही पर दिल्ली पुलिस ने जले हुए फोन के टुकड़े बरामद कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है. ललित झा लंबे समय तक पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के बड़ाबाजार और बागुईहाटी इलाके में रहा था. वहां भी दिल्ली पुलिस की टीम पहुंची है और लगातार जांच पड़ताल हो रही है.

कर्नाटक और यूपी से पकड़े गए हैं दो और आरोपी
मामले में दो और आरोपियों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है. एक का नाम साई कृष्ण जगली है जो कर्नाटक का रहने वाला है. उसके पिता सेवानिवृत्ति पुलिस अधिकारी रहे हैं. जबकि दूसरे का नाम अतुल कुलश्रेष्ठ है जो उत्तर प्रदेश के जालौन का रहने वाला है. इन दोनों से पूछताछ के बाद इन्हें हिरासत में लेकर दिल्ली पुलिस की टीम दिल्ली ले आई है. सुरक्षा चूक मामले में पहले से छह आरोपी गिरफ्तार हैं.

छह लोग हैं हिरासत में
मामले में ललित झा के अलावा पांच अन्य लोग गिरफ्तारी के बाद हिरासत में हैं. इनमें से मैसूर का रहने वाला मनोरंजन डी, लखनऊ का सागर शर्मा, हरियाणा की नीलम आजाद, महाराष्ट्र के लातूर का अमोल शिंदे, राजस्थान का महेश कुमावत को एक दिन पहले गुरुवार को ही एक हफ्ते की पुलिस डिमांड पर भेजा गया है. अब आज शुक्रवार को ललित की पेशी है.

ललित के खिलाफ ये आरोप
इन लोगों ने 13 दिसंबर को संसद भवन में घुसकर हंगामा खड़ा किया था. ललित झा की निशानदेही पर जले हुए फोन की बरामदगी के बाद, पुलिस ने पहले से दर्ज एफआईआर में आईपीसी की धारा 201 (सबूत नष्ट करना/साक्ष्य गायब करना) जोड़ने का फैसला किया है. झा ने संसद के बाहर अमोल और नीलम के विरोध प्रदर्शन का वीडियो बनाने के बाद इसे कई लोगों के साथ शेयर भी किया और उन्हें इसे प्रसारित करने के लिए कहा.

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