Friday, April 17, 2026
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पंजाब के खिलाड़ियों के बिना भारत का ओलंपिक सफ़र क्यों है अधूरा

टोक्यो ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे पंजाब के गुरजंट सिंह

पंजाब भारत का वो राज्य है, जो आज़ादी के पहले से ही अपने खिलाड़ियों के ज़बरदस्त प्रदर्शन की वजह से जाना जाता था.

विभाजन की त्रासदी और चरमपंथ का दंश झेलने के बाद, अब मादक पदार्थों और ग्रामीण युवाओं के बाहर जाने के बावजूद, ये राज्य खेलों के मोर्चे पर सबसे आगे बना हुआ है.

पंजाब वैसे तो कृषि-प्रधान राज्य है, लेकिन इसने ओलंपिक खेलों में जाने वाले भारतीय दल के साथ ही पदक विजेताओं की सूची में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराया है.

ओलंपिक खेलों में भारत का सफ़र वर्ष 1900 में शुरू हुआ था. तब नॉर्मन प्रिचार्ड ने व्यक्तिगत स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करके एथलेटिक्स में दो रजत पदक जीते थे.

फिर वो समय भी आया जब भारत, ओलंपिक में अपने खिलाड़ियों का आधिकारिक दल भेजने लगा. और साल 2020 के टोक्यो ओलंपिक में हमने भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखा, जहां भारत ने कुल सात पदक जीते. भारत के अब तक के जितने भी ओलंपिक खिलाड़ी हुए हैं, उनमें से एक तिहाई खिलाड़ियों का संबंध पंजाब से है.

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