Sunday, March 15, 2026
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Vande Bharat की 180KM स्पीड,Railway Minister वैष्णव ने वीडियो किया ट्वीट

देश की पहली AC स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल हो गया है। 31 दिसंबर 2024 को कोटा रेल मंडल में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ ट्रेन का ट्रायल किया गया।

लखनऊ की रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) ट्रेन का ट्रायल कर रही है। मूवमेंट इंस्पेक्टर सुशील जेठवानी और लोको निरीक्षक आरएन मीना ने RDSO लखनऊ टीम के साथ को-ऑर्डिनेट किया। नागदा, सवाई माधोपुर से कोटा के बीच ट्रायल किया गया।

ट्रायल का वीडियो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने X हैंडल पर पोस्ट किया। वीडियो में देख सकते हैं कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 180 की स्पीड से दौड़ रही है और वीडियो में ट्रेन के एक कोच में रखा पानी का गिलास भी नजर आएगा, जिसे देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि वंदे भारत ट्रेन की इतनी ज्यादा स्पीड होने पर भी गिलास डगमगाया नहीं।

इससे पानी छलका तक नहीं। ट्रेन का ट्रायल अलग-अलग इलाकों में जनवरी के पूरे महीने तक चलता रहेगा। ट्रायल पूरा होने के बाद रिपोर्ट रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी।

एक रूट पर अलग-अलग स्पीड से लिया गया ट्रायल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान को इस साल वंदे भारत AC स्लीपर ट्रेन मिलेगी, जो मारवाड़ से रवाना होकर दिल्ली-मुंबई रूट पर दौड़ेगी। इसका किराया चेयर कार और एग्जीक्यूटिव कैटेगरी जितना ही होगा।

वहीं ट्रेन के फीचर्स ऐसे होंगे कि यात्रियों को जरा-सी परेशानी न होगी। ट्रेन के नए AC स्लीपर मॉडल के लिए जोधपुर में सेंट्रलाइज मेंटेनेंस डिपो बनेगा, जिसे बनाने पर करीब 166 करोड़ खर्च होंगे। सिर्फ यही ट्रेन नहीं, बल्कि पूरे देश में जो भी वंदे भारत ट्रेन दौड़ेंगी, उनका मेंटेनेंस यहीं होगा।

सीनियर DCM सौरभ जैन ने बताया कि वंदे भारत को कोटा के नागदा रेल खंड में रोहल खुर्द और चौमहला के बीच दौड़ाया गया और इसमें यात्रियों के बराबर वजन रखकर ही ट्रायल किया गया था।

31 दिसंबर को पहले 130, फिर 140 और फिर 150 की स्पीड से ट्रायल हुआ। 1 जनवरी 2025 को 160 और रोहल खुर्द विक्रमगढ़ के बीच 177 किलोमीटर की स्पीड से ट्रायल किया गया। इसके बाद रोहल खुर्द से कोटा के बीच 40 किलोमीटर की दूरी ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तय की।

ट्रेन की खासियतें…

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 सितंबर 2024 को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की पहली झलक दिखाई थी। बेंगलुरु में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) की फैक्ट्री में यह ट्रेन बनी।

ट्रेन को 800 से 1200KM लंबी यात्रा के लिए बनाया गया है। इस ट्रेन में लोग रात करीब 10 बजे चढ़ेंगे और सुबह डेस्टिनेशन पर पहुंचेंगे। यह ट्रेन खासतौर पर मिडिल क्लास के लिए बनाई गई है और इसका किराया राजधानी के जितना ही होगा। इस ट्रेन के बनाने में कपलर मैकेनिज्म की नई टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की गई है। इसने ट्रेन का वजन कम किया और स्ट्रेंथ बढ़ाई।

कपलर 2 कोच को जोड़ने वाला हिस्सा है, जो ऑस्टेनिटिक स्टील से बना है। व्हील और ट्रैक के बीच का मैकेनिकल हिस्सा स्पेशली डिजाइन किया गया है। ट्रेन में मेंटेनेंस स्टाफ के लिए एक अलग केबिन बनाया गया है।

इस ट्रेन में 16 कोच होंगे, जिनमें एक 24 सीटों वाला फर्स्ट AC कोच होगा। 188 सीटों के साथ 4 सेकंड AC और 611 सीटों के साथ 11 थर्ड AC कोच हैं। इसके बाहरी दरवाजे ऑटोमैटिक और अंदर के दरवाजे सेंसर बेस्ड हैं। ट्रेन में क्रैश बफर कपलर लगे हैं, ताकि धूल अंदर न आए और यात्रियों को झटका न लगे। दिव्यांग यात्रियों के स्पेशल बर्थ है।

सीटों पर USP चार्जिंग पॉइंट और रीडिंग लाइट मिलेगी। ट्रेन में CCTV कैमरे, डिस्प्ले पैनल और मॉड्यूलर पैंट्री भी है। फर्स्ट एसी कोच में गर्म पानी के शॉवर लगे हैं। टॉयलेट ऐसे बनाई गई है कि दुर्गंध नहीं आएगी। सामान रखने के लिए ज्यादा जगह होगी। एक्स्ट्रा कुशनिंग और अपर बर्थ पर चढ़ने के लिए सीढ़ियां लगी होंगी।

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