Monday, April 20, 2026
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Punjab में तीन दिनों तक बंद रहेंगी Government बसें, कर्मचारियों की हड़ताल से यात्री परेशान

पंजाब बस सर्विस और पीआरटीसी के बसों का पहिया सोमवार से बुधवार तक जाम रहेगा। हड़ताल का निर्णय पंजाब रोडवेज पनबस- पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के आवाहन पर लिया गया है। कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल के प्रथम दिन सोमवार को पनबस पीआरटीसी की सरकारी बसों का पहिया जाम रहा।
सभी कर्मचारी अमृतसर के डिपू नंबर वन व टू के गेट के बाद एकत्रित है। हड़ताल के दौरान कर्मचारी 7 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देंगे। इस हड़ताल के कारण छोटे तथा बड़े रूट प्रभावित हुए वहीं निजी बसों में यात्रियों को काफी भीड़ में सफर करना पड रहा है।

इन रूट्स की बसें प्रभावित

अमृतसर से चंडीगढ़, दिल्ली, पठानकोट, जालंधर, गंगानगर, चितपूर्णी, ज्वाला जी, श्री मणिकर्ण साहिब, डेरा बाबा नानक, अजनाला, अटारी, खेमकरण, लखनपुर व अन्य कई शहरों को जाने वाली बसें प्रभावित हो रही है।पंजाब रोडवेज पनबस पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जोध सिंह ने बताया कि 1 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री पंजाब द्वारा चीफ सेक्रेट्री पंजाब तथा एडवोकेट जनरल तथा प्रमुख सचिव ट्रांसपोर्ट विभाग तथा डायरेक्टर स्टेट ट्रांसपोर्ट तथा संगठन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी।

इन मांगों को लेकर हड़ताल

उन्होंने बताया कि जिसमें कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेकेदारी प्रणाली को बाहर निकलना वेतन में बढ़ोतरी करना सर्विस रूल लागू करना तथा अन्य मांगों को सरकार से लागू करवाने के आदेश दिए थे परंतु उसके बाद कर्मचारियों के हित के लिए कोई भी कार्य नहीं किया गया।

अब अधिकारी बदल गए हैं तथा सभी पॉलिसी भी बदल दी गई है। 2 जनवरी 2025 को भी पंजाब भवन में मीटिंग हुई थी जिसमें नई पॉलिसी बनाई जा रही है जो कि कर्मचारियों को मंजूर नहीं है।

हरकेश विक्की ने कही ये बात

पीआरटीसी कान्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रधान हरकेश विक्की ने कहा कि पीआरटीसी के मेहनती कर्मचारी अपनी मांगों को लागू करवाने के लिए बार-बार संघर्ष कर रहे हैं। जिसके मुताबिक पिछले साल परिवहन मंत्री, सचिव और निदेशक समेत आला अधिकारियों की बैठक हुई थी, लेकिन कोई सकारात्मक नतीजा नहीं आया। इसके विपरीत विभाग के मंत्रियों व अधिकारियों द्वारा यूनियन की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है और कोई समाधान नहीं किया जा रहा है।

 

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