Sunday, March 15, 2026
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10 में से 9 seats जीतने वाली AAP के सामने क्यों बड़ी challenge? रिपोर्ट से समझिए पूरा गणित

देश की राजधानी में चुनावी बिसात बिछने लगी है। अब तक कुछ मोहरे सामने आ चुके हैं और कुछ अभी बाकी हैं। उत्तर-पश्चिमी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत 10 विधानसभा सीट की बात करें तो आम आदमी पार्टी अपने सभी प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।
भाजपा पांच और कांग्रेस छह सीट पर अपने प्रत्याशी का चयन कर चुकी है। चुनाव मैदान में भाजपा और कांग्रेस के सूरमाओं का अभी इंतजार है, इसके बावजूद इस बार कहीं आमने-सामने तो कहीं त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बनते दिख रहे हैं। वहीं 2020 के चुनाव में 10 में से नौ सीट जीतने वाली आप पार्टी पर अपनी इस ऐतिहासिक जीत कायम रखने की चुनौती होगी।
बादली, रिठाला, मंगोलपुरी (आरक्षित) व नांगलोई ही ऐसी विधानसभा सीट हैं, जहां तीनों प्रमुख दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है। बादली में भाजपा ने इस बार नए चेहरे को मौका दिया है, जबकि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने पुराने चेहरों पर ही दांव लगाया है।

आप के निवर्तमान विधायक अजेश यादव के सामने कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव हैं। भाजपा ने नए चेहरे दीपक चौधरी को मौका दिया है। दीपक चौधरी पूर्व पार्षद हैं और उनकी पत्नी गायत्री यादव निगम पार्षद हैं। इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं। दो बार विधायक रहे चुके देवेंद्र यादव पिछले चुनाव में 19.65 प्रतिशत वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे।
भाजपा प्रत्याशी विजय कुमार भगत को 28.84 प्रतिशत वोट मिले थे। तीनों ही प्रत्याशी यादव बिरादरी से हैं। पिछले पांच साल के दौरान देवेंद्र यादव को पार्टी हाइकमान ने कई अहम जिम्मेदारी दी हैं और इस समय वह दिल्ली में पार्टी के बड़े चेहरे के तौर पर जाने जाते हैं। रिठाला विधानसभा सीट पर तीनों ही दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। यहां भी आम आदमी पार्टी ने अपने निवर्तमान विधायक महेंद्र गोयल पर भरोसा जताया है, वहीं भाजपा और कांग्रेस ने अपने हारे हुए प्रत्याशियों को दोबारा मौका नहीं दिया है।
भाजपा ने इस बार कुलवंत राणा को चुनाव मैदान में उतारा है। कुलवंत 2013 के चुनाव में आप प्रत्याशी को हराकर विधायक चुने गए थे। वर्ष 2015 में कुलवंत आप उम्मीदवार महेंद्र गोयल से चुनाव हार गए थे। वर्ष 2020 में भाजपा ने उनका टिकट काटकर मनीष चौधरी को मौका दिया था। इस चुनाव में जीतकर महेंद्र गोयल लगातार दूसरी बार विधायक बने। लगभग 10 साल बाद महेंद्र गोयल व कुलवंत राणा एक बार फिर आमने सामने होंगे। कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप पांडे केवल 1.59 प्रतिशत वोट ले पाए।
इस बार पार्टी ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संयुक्त सचिव सुशांत मिश्रा पर दांव लगाया है। मंगोलपुरी (आरक्षित) से पिछले विधानसभा चुनाव में 30 हजार से अधिक मतों से जीतने वाली राखी बिड़ला को इस बार आप ने यहां से टिकट नहीं दी। उन्हें मादीपुर से प्रत्याशी बनाया है। उनका विधानसभा क्षेत्र बदलना चर्चा का विषय बना है। पार्टी ने निगम पार्षद राकेश जाटव को मंगोलपुरी से चुनाव में उतारा है।
भाजपा ने कर्मसिंह कर्मा के बजाय इस बार पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान को मौका दिया है। लोकसभा चुनाव से पहले चौहान ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। नांगलोई जट से आम आदमी पार्टी ने मंत्री राघवेंद्र शौकीन की टिकट को बरकरार रखा है। जबकि, भाजपा व कांग्रेस ने नए उम्मीदवार उतारे हैं। भाजपा ने सुमनलता की जगह इस बार मनोज शौकीन को टिकट दिया है। कांग्रेस ने रोहित चौधरी को अपना प्रत्याशी बनाया है। यहां से पिछला चुनाव मनदीप सिंह ने लड़ा था।
भारतीय जनता पार्टी ने पांच में से चार चेहरे बदले उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र की सीटों में से भाजपा ने फिलहाल पांच विधानसभा क्षेत्रों से अपने प्रत्याशियों के नामों का एलान किया है। रोहिणी से निवर्तमान विधायक विजेंद्र गुप्ता को मैदान में उतारा है। विजेंद्र गुप्ता लगातार दो बार से विधायक चुने गए हैं। विजेंद्र गुप्ता लगभग 11 प्रतिशत मतों से अंतर से पिछला चुनाव जीते थे। इस बार भाजपा ने बादली, रिठाला, मंगोलपुरी व नांगलोई जट सीट से प्रत्याशी बदले हैं।
किराड़ी, मुंडका व बवाना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा और कांग्रेस अपने उम्मीदवार का चयन नहीं कर पाई है। आम आदमी पार्टी ने किराड़ी व मुंडका से अपने निवर्तमान विधायकों का टिकट काट कर एंटी-इनकम्बैंसी फैक्टर को थामने का प्रयास किया है। किराड़ी से आप ने भाजपा से आए अनिल झा को टिकट दिया है। पिछले चुनाव में अनिल झा ने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर 46.51 प्रतिशत वोट प्राप्त किए थे और 49.77 प्रतिशत वोट लेकर ऋतुराज झा विधायक चुने गए थे।
कांग्रेस समर्थित राजद प्रत्याशी मोहम्मद रियाजुद्दीन खान महज 256 वोट ले पाए थे। मुंडका से आम आदमी पार्टी ने निवर्तमान विधायक धर्मपाल लाकड़ा को इस बार मैदान में नहीं उतारा है। उनकी जगह जसबीर कराला पर दांव लगाया है। जबकि, बवाना से आप ने निर्वतमान विधायक जयभगवान उपकार को ही चुनाव में दोबारा को मौका दिया है। बेशक भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने इन तीनों सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारे हैं, लेकिन इतना तय है कि यहां सीधे संघर्ष की संभावना ज्यादा है।
भाजपा में इन तीनों में ही क्षेत्रों में कई दावेदार हैं। नरेला से आप ने शरद चौहान का टिकट काटकर उनके स्थान पर निगम पार्षद दिनेश भारद्वाज को मौका दिया है। यहां से भारतीय जनता पार्टी ने अभी अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है। पिछले चुनाव में भाजपा ने यहां से नीलदमन खत्री को टिकट दी थी। कांग्रेस ने सिद्धार्थ कुंडू की जगह इस बार अरुणा को टिकट दी है।

किराड़ी, मुंडका, बवाना में कांग्रेेस-भाजपा के प्रत्याशी नहीं

दोनों मंत्री का टिकट बरकरार: दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल मुकेश अहलावत और राघवेंद्र शौकीन क्रमश: सुल्तानपुर माजरा व नांगलोई जट सीट से आप ने फिर टिकट दिया है। सुल्तानपुर माजरा से भाजपा ने अभी प्रत्याशी तय नहीं किया है तो कांग्रेस ने पूर्व विधायक जयकिशन पर दोबारा दांव लगाया है।

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